तुम्हारी ओर से कोई इशारा हो भी सकता है
By satyawan-satyaJanuary 5, 2024
तुम्हारी ओर से कोई इशारा हो भी सकता है
हमारा दिल किसी दिन फिर तुम्हारा हो भी सकता है
ज़मीं पर पाँव हों लेकिन निगाहें आसमाँ पर हों
बुलंदी पर तुम्हारा भी सितारा हो भी सकता है
मैं अक्सर सोचता तो हूँ तुम्हारे बिन ही जी लूँगा
मगर लगता नहीं तुम बिन गुज़ारा हो भी सकता है
डुबा देता किसी को बोझ ख़ुद का ही समुंदर में
किसी इंसाँ को तिनके का सहारा हो भी सकता है
मिटा सकता है सहरा भी किसी की तिश्नगी पल में
किसी के वास्ते दरिया भी खारा हो भी सकता है
अना को छोड़ कर गर तुम लगा लो दिल ये दुनिया से
तो ये सारा जहाँ इक दिन तुम्हारा हो भी सकता है
हमारा दिल किसी दिन फिर तुम्हारा हो भी सकता है
ज़मीं पर पाँव हों लेकिन निगाहें आसमाँ पर हों
बुलंदी पर तुम्हारा भी सितारा हो भी सकता है
मैं अक्सर सोचता तो हूँ तुम्हारे बिन ही जी लूँगा
मगर लगता नहीं तुम बिन गुज़ारा हो भी सकता है
डुबा देता किसी को बोझ ख़ुद का ही समुंदर में
किसी इंसाँ को तिनके का सहारा हो भी सकता है
मिटा सकता है सहरा भी किसी की तिश्नगी पल में
किसी के वास्ते दरिया भी खारा हो भी सकता है
अना को छोड़ कर गर तुम लगा लो दिल ये दुनिया से
तो ये सारा जहाँ इक दिन तुम्हारा हो भी सकता है
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