तुम्हारी याद का सावन कहाँ से आता है

By ikram-arfiJanuary 3, 2024
तुम्हारी याद का सावन कहाँ से आता है
ये मेरी जान का दुश्मन कहाँ से आता है
शरीक-ए-जाम नहीं हूँ मगर ये सोचता हूँ
तिरा भरा हुआ बर्तन कहाँ से आता है


ये पायलें तो मिरी तब'-ज़ाद हैं लेकिन
मिरे कलाम में कंगन कहाँ से आता है
फ़लक को देख रहा हूँ सवाल करते हुए
सितारा-ए-रुख़-ए-रौशन कहाँ से आता है


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