तुम्हें बस ये बताना चाहता हूँ

By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
तुम्हें बस ये बताना चाहता हूँ
मैं तुम से क्या छुपाना चाहता हूँ
कभी मुझ से भी कोई झूठ बोलो
मैं हाँ में हाँ मिलाना चाहता हूँ


ये जो खिड़की है नक़्शे में तुम्हारे
यहाँ मैं दर बनाना चाहता हूँ
अदाकारी बहुत दुख दे रही है
मैं सच-मुच मुस्कुराना चाहता हूँ


परों में तीर है पंजों में तिनके
मैं ये चिड़िया उड़ाना चाहता हूँ
लिए बैठा हूँ घुंघरू फूल मोती
तिरा हँसना बनाना चाहता हूँ


अमीरी 'इश्क़ की तुम को मुबारक
मैं बस खाना-कमाना चाहता हूँ
मैं सारे शह्र की बैसाखियों को
तिरे दर पर नचाना चाहता हूँ


46554 viewsghazalHindi