तुम को ख़ुद अपनी ज़ात का मतलब नहीं पता
By shahbaz-choudharyJanuary 5, 2024
तुम को ख़ुद अपनी ज़ात का मतलब नहीं पता
गोया कि काएनात का मतलब नहीं पता
तुम ने तो दिल-लगी में फ़क़त चोट खाई है
उल्फ़त के हादसात का मतलब नहीं पता
कितने दिये बुझा गई रौशन घरों कि ये
तुम को सियाह रात का मतलब नहीं पता
गोया कि काएनात का मतलब नहीं पता
तुम ने तो दिल-लगी में फ़क़त चोट खाई है
उल्फ़त के हादसात का मतलब नहीं पता
कितने दिये बुझा गई रौशन घरों कि ये
तुम को सियाह रात का मतलब नहीं पता
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