उसे कैसे करें स्वीकार मोहन

By vikas-sahajJanuary 5, 2024
उसे कैसे करें स्वीकार मोहन
हमारी हो गई है हार मोहन
समर्पित ज़िंदगी कर दी तुम्हें अब
तुम्हीं इस का करो उद्धार मोहन


निरंतर लड़ रहे हैं हम सभी से
हमें भी तो सिखाओ प्यार मोहन
हमारी राधिका हम को पुकारे
कभी ये स्वप्न हो साकार मोहन


खड़ी है देह की जब तक 'इमारत
बने रहना सदा आधार मोहन
84719 viewsghazalHindi