उस के जैसा कोई मिला ही नहीं
By fahmi-badayuniFebruary 5, 2024
उस के जैसा कोई मिला ही नहीं
कैसे मिलता कहीं पे था ही नहीं
घर के मलबे से घर बना ही नहीं
ज़लज़ले का असर गया ही नहीं
वो जहाँ तक दिखाई देता है
उस के आगे मैं देखता ही नहीं
अच्छे-अच्छों ने रास्ता माँगा
मैं तिरी राह से हटा ही नहीं
सारे किरदार हो गए ख़ुद्दार
फिर कहानी में कुछ हुआ ही नहीं
याद है जो उसी को याद करो
हिज्र की दूसरी दवा ही नहीं
तेरे बारे में सोचने वाला
अपने बारे में सोचता ही नहीं
कैसे मिलता कहीं पे था ही नहीं
घर के मलबे से घर बना ही नहीं
ज़लज़ले का असर गया ही नहीं
वो जहाँ तक दिखाई देता है
उस के आगे मैं देखता ही नहीं
अच्छे-अच्छों ने रास्ता माँगा
मैं तिरी राह से हटा ही नहीं
सारे किरदार हो गए ख़ुद्दार
फिर कहानी में कुछ हुआ ही नहीं
याद है जो उसी को याद करो
हिज्र की दूसरी दवा ही नहीं
तेरे बारे में सोचने वाला
अपने बारे में सोचता ही नहीं
17826 viewsghazal • Hindi