उस ने क्या क्या नहीं दिया मुझ को

By fahmi-badayuniFebruary 6, 2024
उस ने क्या क्या नहीं दिया मुझ को
चैन फिर भी नहीं मिला मुझ को
कल शब-ए-हिज्र शर्मसार हुई
तू नहीं है नहीं लगा मुझ को


अब किताबों से कुछ नहीं होगा
मार डालेगा तज्रबा मुझ को
सोचता हूँ कि अब कहाँ जाऊँ
तू भी पागल न कर सका मुझ को


मुझ से आगे नहीं निकल सकता
वो नहीं देगा रास्ता मुझ को
मैं जो बढ़ता हूँ सर-वरक़ की तरफ़
खींच लेता है हाशिया मुझ को


मैं छुपा रहता ज़िंदगी में और
तू कहीं और ढूँडता मुझ को
मैं वही शोर लिखता रहता हूँ
जिस ने ख़ामोश कर दिया मुझ को


82077 viewsghazalHindi