वो जो तुम्हारी मजबूरी है
By fahmi-badayuniFebruary 6, 2024
वो जो तुम्हारी मजबूरी है
वही तो सारी मजबूरी है
जो भी तुम्हारी मजबूरी है
पहले हमारी मजबूरी है
हुस्न तुम्हारी मजबूरी है
'इश्क़ हमारी मजबूरी है
ज़िल्ल-ए-इलाही रो नहीं सकते
कुछ दरबारी मजबूरी है
तस्वीरों से बातें करना
कितनी प्यारी मजबूरी है
चाँद से याराना है अपना
शब-बेदारी मजबूरी है
हल्की बातें करता है वो
कोई भारी मजबूरी है
वही तो सारी मजबूरी है
जो भी तुम्हारी मजबूरी है
पहले हमारी मजबूरी है
हुस्न तुम्हारी मजबूरी है
'इश्क़ हमारी मजबूरी है
ज़िल्ल-ए-इलाही रो नहीं सकते
कुछ दरबारी मजबूरी है
तस्वीरों से बातें करना
कितनी प्यारी मजबूरी है
चाँद से याराना है अपना
शब-बेदारी मजबूरी है
हल्की बातें करता है वो
कोई भारी मजबूरी है
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