वो क्या बुनेगा कोई ख़्वाब सल्तनत के लिए

By wasim-nadirJanuary 5, 2024
वो क्या बुनेगा कोई ख़्वाब सल्तनत के लिए
तरस रहा हो जो मुद्दत से एक छत के लिए
लहू में डूबे हैं काग़ज़ क़लम दवात इधर
तरस रहे हैं उधर लोग ख़ैरियत के लिए


किसी को साज़िशें करने की क्या ज़रूरत है
मिरा मिज़ाज है मेरी मुख़ालिफ़त के लिए
किसी बुज़ुर्ग की सोहबत में बैठना उठना
बहुत ज़रूरी है ये अच्छी तर्बियत के लिए


ऐ ज़िंदगी ये सितम है कि तेरे होते हुए
ज़माना आने लगा मेरी ता'ज़ियत के लिए
93994 viewsghazalHindi