याद आई एक भूली हुई बात देर तक

By basheer-ahmad-basheerJanuary 2, 2024
याद आई एक भूली हुई बात देर तक
दिल का 'अजीब हाल रहा रात देर तक
तन्हा पड़े तड़पना वो इक कुंज-ए-दर्द में
पीना वो ज़हर-ए-तल्ख़ी-ए-लम्हात देर तक


मुमकिन न थी जो बात वही बात सोचना
जलना ब-सोज़-ए-शौक़-ए-मुलाक़ात देर तक
इज़हार-ए-कर्ब-ए-ज़ीस्त के पैराए ढूँढना
करना रक़म ख़राबी-ए-हालात देर तक


रखना वो इक ख़याल का सहरा-ए-जब्र में
आवारा-ए-सराब-ए-मुनाजात देर तक
कोई 'अजब तरह के वो दिन थे ग़रज़ 'बशीर'
की है 'अजब तरह बसर-औक़ात देर तक


91990 viewsghazalHindi