यादों के कुछ चराग़ बुझाए नहीं गए
By mukesh-sharma-manmaujiJanuary 4, 2024
यादों के कुछ चराग़ बुझाए नहीं गए
हाए दिल-ओ-दिमाग़ से साए नहीं गए
जो शे'र तेरे हुस्न की पैमाइशों पे थे
हम से तो महफ़िलों में सुनाए नहीं गए
अब क्या बताएँ हाल हमारा तुम्हारे बा'द
मर तो चुके हैं कब के जलाए नहीं गए
ले तो रहे हैं सात वचन लोग ब्याह में
सातों वचन किसी से निभाए नहीं गए
हाए दिल-ओ-दिमाग़ से साए नहीं गए
जो शे'र तेरे हुस्न की पैमाइशों पे थे
हम से तो महफ़िलों में सुनाए नहीं गए
अब क्या बताएँ हाल हमारा तुम्हारे बा'द
मर तो चुके हैं कब के जलाए नहीं गए
ले तो रहे हैं सात वचन लोग ब्याह में
सातों वचन किसी से निभाए नहीं गए
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