यहाँ जाँ पर बनी है यार मेरे
By fahmi-badayuniFebruary 6, 2024
यहाँ जाँ पर बनी है यार मेरे
तुझे अपनी पड़ी है यार मेरे
मिरी आँखों में जो महँगी जगह थी
ग़मों ने घेर ली है यार मेरे
दरारें हैं जो ये दीवार-ओ-दर में
ये बुनियादी कमी है यार मेरे
मिरी हालत पे क्यों हैरत-ज़दा है
मोहब्बत हो गई है यार मेरे
ख़ुदी पर शे'र कहना चाहता हूँ
कोई बीड़ी पड़ी है यार मेरे
ज़बानी तीर फेंके जा रहा हूँ
कमाँ टूटी पड़ी है यार मेरे
न उठ जाए कोई दीवार घर में
तराज़ू आ चुकी है यार मेरे
सितमगर ने मुझे बर्बाद कर के
मु'आफ़ी माँग ली है यार मेरे
तुझे अपनी पड़ी है यार मेरे
मिरी आँखों में जो महँगी जगह थी
ग़मों ने घेर ली है यार मेरे
दरारें हैं जो ये दीवार-ओ-दर में
ये बुनियादी कमी है यार मेरे
मिरी हालत पे क्यों हैरत-ज़दा है
मोहब्बत हो गई है यार मेरे
ख़ुदी पर शे'र कहना चाहता हूँ
कोई बीड़ी पड़ी है यार मेरे
ज़बानी तीर फेंके जा रहा हूँ
कमाँ टूटी पड़ी है यार मेरे
न उठ जाए कोई दीवार घर में
तराज़ू आ चुकी है यार मेरे
सितमगर ने मुझे बर्बाद कर के
मु'आफ़ी माँग ली है यार मेरे
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