यहाँ तो पौन सदी से यही कहानी है

By umair-ali-anjumJanuary 5, 2024
यहाँ तो पौन सदी से यही कहानी है
उसूल मर गए ताक़त की हुक्मरानी है
जो उन की बात न माने मिटा दिया जाए
हुकूमतों की ये 'आदत बहुत पुरानी है


किसी यज़ीद की बै'अत जो मैं नहीं करता
मिरी अना मिरे अज्दाद की निशानी है
भरे हुए हैं हमारे बदन बग़ावत से
रगों में अपने मियाँ ख़ून है न पानी है


है मो'जिज़ा कि लुटेरे हैं चार-सू फिर भी
हमारा शहर मोहब्बत की राजधानी है
नहीं है 'अक़्ल से अपनी मुख़ालिफ़त लेकिन
'उमैर' हम ने हमेशा से दिल की मानी है


43461 viewsghazalHindi