ये मेरा शीशा-ए-दिल बे-मिसाल है प्यारे
By badiuzzaman-saharJanuary 19, 2024
ये मेरा शीशा-ए-दिल बे-मिसाल है प्यारे
दिखाई दे है कहाँ जितना बाल है प्यारे
हर एक बात को लिखना मुहाल है प्यारे
ख़ुद आ के देख लो जो दिल का हाल है प्यारे
जहाँ से चाहा हमें लख़्त लख़्त कर डाला
बिना छुरी के ये कैसा कमाल है प्यारे
मिटा दो हुस्न-ए-गुलिस्ताँ को शोख़ फूलों को
हो लब-कुशा कोई किस की मजाल है प्यारे
झुलस के रह गए गुलशन में आशियाँ कितने
तिरी बहार में कितना जलाल है प्यारे
किसी का ख़ून 'अदालत में फिर हुआ होगा
सुतून-ए-दार-ओ-रसन लाल लाल है प्यारे
कहाँ किसी की भी सूरत दिखाई देती है
हर आइने में तो तेरा जमाल है प्यारे
हर एक साँस है अन्फ़ास-ए-बाज़-पस की तरह
निज़ाम-ए-दम में दमा-दम वबाल है प्यारे
वो आ के लौट गए मेरी डेवढ़ी से 'सहर'
सुकून-ए-दिल के लिए नेक-फ़ाल है प्यारे
दिखाई दे है कहाँ जितना बाल है प्यारे
हर एक बात को लिखना मुहाल है प्यारे
ख़ुद आ के देख लो जो दिल का हाल है प्यारे
जहाँ से चाहा हमें लख़्त लख़्त कर डाला
बिना छुरी के ये कैसा कमाल है प्यारे
मिटा दो हुस्न-ए-गुलिस्ताँ को शोख़ फूलों को
हो लब-कुशा कोई किस की मजाल है प्यारे
झुलस के रह गए गुलशन में आशियाँ कितने
तिरी बहार में कितना जलाल है प्यारे
किसी का ख़ून 'अदालत में फिर हुआ होगा
सुतून-ए-दार-ओ-रसन लाल लाल है प्यारे
कहाँ किसी की भी सूरत दिखाई देती है
हर आइने में तो तेरा जमाल है प्यारे
हर एक साँस है अन्फ़ास-ए-बाज़-पस की तरह
निज़ाम-ए-दम में दमा-दम वबाल है प्यारे
वो आ के लौट गए मेरी डेवढ़ी से 'सहर'
सुकून-ए-दिल के लिए नेक-फ़ाल है प्यारे
21916 viewsghazal • Hindi