ये तो अब तय है कि वो लौट के आने से रहा

By wasim-nadirJanuary 5, 2024
ये तो अब तय है कि वो लौट के आने से रहा
मैं भी तस्वीर कोई और बनाने से रहा
मैं जहाँ हूँ वो अँधेरों का घना जंगल है
मेरा साया भी मुझे ढूँड के लाने से रहा


ताज इस दौर में मुमकिन है कि बन भी जाए
कोई फ़नकार मगर हाथ कटाने से रहा
ग़म तो हर हाल में आँखों से छलक जाएगा
लाश सीने में समंदर भी छुपाने से रहा


रूठना है तो बड़े शौक़ से तू रूठ मगर
ज़िंदगी मैं तुझे इस बार मनाने से रहा
31961 viewsghazalHindi