ना'त-ए-रसूल

By muzaffar-warsiJanuary 4, 2024
हम हैं तुम्हारे तुम हो हमारे
मोहम्मद प्यारे
तुम हो चाँद और हम हैं तारे
मोहम्मद प्यारे


सब से अच्छा दीन तुम्हारा
हुक्म-ए-ख़ुदा आईन तुम्हारा
तुम ने हमारे ज़ेहन सँवारे
मोहम्मद प्यारे


प्यार सिखाया अद्ल सिखाया
रंग-ओ-नस्ल का फ़र्क़ मिटाया
दूर किए सारे अँधियारे
मोहम्मद प्यारे


बंदों को मौला से मिलाया
क़तरों को दरिया से मिलाया
मोड़े तुम ने वक़्त के धारे
मोहम्मद प्यारे


गुमराहों को राह दिखाई
क़ातिल भी ठहरे शैदाई
तुम जीते और दुश्मन हारे
मोहम्मद प्यारे


सुन्नत और क़ुरआन पे चल के
कहलाएँ शहकार अमल के
माँगें दुआ हम मिल के सारे
मोहम्मद प्यारे


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