बच गया

By shariq-kaifiFebruary 29, 2024
सच्चे 'इश्क़ की लाश पे रोना धोना भी कम होता है
किस में हिम्मत होती है जो
ज़िंदा याद को हाथ लगाए
उस से खेले


मेरा दुख सच्चा था सो मैं आसानी से भूल गया
तुझ को भी तेरी बातें भी
ख़ैर हो गई दुख सच्चा था
वर्ना कोई अध-कचरा दुख


मुझ को पागल कर सकता था
10040 viewsnazmHindi