सूरत का चौ़टा बाज़ार

By shakeel-azmiJanuary 5, 2024
यहाँ हर शाम
गुलाबों के शादाब पौदे
गमलों से निकल कर
पाँव पाँव आते हैं


अपनी अपनी पसंद के फूल ख़रीदते हैं
और ख़ाली टहनियों पर टाँक लेते हैं
फूलों के इस चलते-फिरते बाग़ीचे में
मुझ जैसे कुछ पागल पंछी


ख़ुश्बूओं के दो पल जी कर
रात गए तक मरते हैं
65981 viewsnazmHindi