GILA-SHIKWA SHAYARI: अपनी शिकायतें और पछतावे निकालें

GILA-SHIKWA SHAYARI के गहराईयों की खोज करें

Gila-shikwa shayari के जज्बाती दुनिया में खुद को डाइव करें, जहाँ हर शब्द शिकायत और पछतावे की भावनाओं को गुंजाता है। अपने दिल को कवितानुकरण की शक्ति के माध्यम से अपनी शिकायतें निकालने दें। निराशा के अनुभवों को साझा करने में सहानुभूति और सम्बंधितों से जुड़ने में सांत्वना पाएं। gila-shikwa shayari की उपशांति दिलाने और भावनात्मक रिलीज़ और पुनर्नवी का मार्ग साफ करने दें।

"मधुरम् मधुरम्" "प्रातःकाले" "शीतलम् शीतलम्" "पवनः" "ऊष्णम् ऊष्णम्" "ऊष्णोदकम्" सर्वे जनाः कथयन्ति शुभ प्रभातम्।

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ख़्वाबों के जहाँ से अब लौट भी आओ
हुई है सुबह अब जाग भी जाओ
चाँद-तारों को अब कह भी दो 'बाय'
और प्यारी सी सुबह को कहो


'हाय'। गुड मोर्निंग।

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सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है
आँख खुलते ही आपकी याद होती है
खुशियों के फूल हो आपके आँचल में
ये मेरे होंठो पर पहली फ़रियाद होती है। शुभ दिवस।

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गुज़र गई वो सितारों वाली सुनहरी रात
आ गई याद वो तुम्हारी प्यारी सी बात
अक्सर होती रहती थी हमारी मुलाक़ात
बिन आपके होती है अब तो दिन की शुरुआत। सुप्रभात

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फूलों के खिलने का वक्त हो गया
सूरज के निकलने का वक्त हो गया
मीठी सी नींद से जागो सपनों से
हकीकत में आने का वक्त हो गया। गुड मॉर्निंग!

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ताज़ी हवा में फूलों की महक हो
पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो
जब भी खोलो तुम अपनी पलकें
उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!

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दिल में अपने एक अरमान लगाये बैठे हैं
भीड़ में दुनिया की अपनी पहचान बनाये बैठे हैं
ना होना कभी उदास अए मेरे दोस्त
दिल में आपकी हंसी की आस लगाये बैठे हैं। गुड मॉर्निंग!

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मीठी नींद से आप उठ जाओ
हकीकत की दुनिया में आ जाओ
सूरज आया है नए काम के साथ
चलो उठो और आप भी काम पर लग जाओ। गुड मॉर्निंग!

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नींद आती है सपने लेकर
हमारी दुआ है कि
आज की सुबह आये आपके लिए
बहुत सारी खुशियाँ लेकर। सुप्रभात!

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ए हवा तू उधर जाती होगी
उनको हमारा हाल तो बताती होगी
जरा छूकर तो देख उनके दिल को
क्या याद उनको भी हमारी आती होगी। गुड मॉर्निंग!

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फिजा में महकती शाम हो तुम
प्यार में झलकता जाम हो तुम
सीने में छुपाए फिरते हैं हम यादें तुम्हारी
इसलिए मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम। सुप्रभात!

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प्यारी सी मीठी सी निंदिया के बाद
रात के हसीन सपनों के बाद
सुबह के कुछ नये सपनों के साथ
आप हंसते रहें आपके अपनों के साथ। गुड मॉर्निंग!

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खुदा करे हर रात चाँद बनकर आये
दिन का उजाला शान बनकर आये
कभी दूर न हो आपके चेहरे से हंसी
हर दिन ऐसा मेहमान बनकर आये। सुप्रभात!

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जाने कब सुबह-सुबह वो रिश्ता बन गया
अनजाना जाने कब अपना बन गया
हमें एहसास भी न हुआ और
कोई हमारी सुबह की जरुरत बन गया। सुप्रभात!

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चांदनी रात अलविदा कह रही है
एक ठंडी सी हवा दस्तक दे रही है
उठकर देखो नजारों को एक प्यारी सी सुबह आपको
"गुड मॉर्निंग कह रही है!" सुप्रभात!

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रात के बाद सुबह को आना ही था
गम के बाद ख़ुशी को आना ही था
क्या हुआ अगर हम देर तक सोये रहे
पर हमारा मोर्निंग मैसेज तो आना ही था। सुप्रभात!

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कलियों के खिलने के साथ
एक प्यारे एहसास के साथ
एक नये विश्वास के साथ
आपका दिन शुरू हो एक मीठी मुस्कान के साथ। सुप्रभात!

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बीत गई तारों वाली सुनहरी रात
याद आई फिर वही प्यारी सी बात
खुशियों से हर पल हो आपकी मुलाकात
इसलिए मुस्कुरा के करना दिन की शुरुआत। सुप्रभात!

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बड़े अरमान से बनवाया है
इसे रोशनी से सजाया है
बहुत दूर से मंगवाया है
ज़रा खिड़की खोल के देखो आपको गुड मोर्निंग कहने सूरज आया है। सुप्रभात!

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सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है
किसी अपने से बात हो तो ख़ास होती है
हंसकर प्यार से अपनों को गुड मोर्निंग बोलो तो
खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं। सुप्रभात!

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अपने गम की नुमाइश न कर
अपने नसीब की अजमाइश न कर
जो तेरा है तेरे पास खुद आएगा
हर रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर। सुप्रभात।

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सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको
दूसरी किरण प्यारी सी हंसी दे आपको
तीसरी किरण अच्छा स्वास्थ और तरक्की दे आपको
अब और बस


नहीं तो गर्मी लगेगी आपको। सुप्रभात।

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एक नये दिन की शुरुआत हो
मेरी दिलरुबा मेरे साथ हो
उसके हाथों में मेरा हाथ हो
और बस प्यार ही प्यार हो। सुप्रभात।

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खुदा करे हर रात चाँद बनकर आये
दिन का उजाला शान बनकर आये
कभी दूर न हो आपके चेहरे से हंसी
हर दिन ऐसा मेहमान बनकर आये। सुप्रभात।

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रात के बाद सुबह आई है
उठकर देखो सुबह का नज़ारा
क्या हुआ अगर कल गम में बीता
आज की सुबह में देखो खुशियाँ का नज़ारा। सुप्रभात।

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