मोटिवेशनल शायरी
सफलता की दिशा में शक्तिशाली पंक्तियाँ
अपनी आत्मा को उत्तेजित करने के लिए प्रेरित मोटिवेशनल शायरी के साथ मोटते प्रेरक शायरी की दुनिया का अन्वेषण करें जो कठिनाइयों को पार करने के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में काम करती है। प्रेरक शब्दों से अपना मनोबल उच्च करें और नए उत्साह और निर्धारण के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ें।
अपना परिचय अगर खुद देना पड़े
तो समझ लीजिये कि सफलता अभी दूर है
तो समझ लीजिये कि सफलता अभी दूर है
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ज़िन्दगी ऐसे जियो…
के वक़्त भी बोल उठे…”
मैं तो क्या इसका तो
भगवान भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
के वक़्त भी बोल उठे…”
मैं तो क्या इसका तो
भगवान भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
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अगर रास्ता खूबसूरत है तो
पता कीजिये
किस मंजिल की तरफ जाता है !
लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो
कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !!
मेहनत का फल और
समस्या का हल
देर से ही सही मिलता जरूर है..
पता कीजिये
किस मंजिल की तरफ जाता है !
लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो
कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !!
मेहनत का फल और
समस्या का हल
देर से ही सही मिलता जरूर है..
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जियो तो ऐसे कि तुम कल मरने वाले हो
और सीखो तो ऐसे कि तुम
हमेशा के लिए जीने वाले हो।
और सीखो तो ऐसे कि तुम
हमेशा के लिए जीने वाले हो।
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कूछ नही मिलता
दुनिया मे मेहनत के बगैर
मेरा अपना साया भी मुझे धूप मे आने के बाद मिला...!!!
दुनिया मे मेहनत के बगैर
मेरा अपना साया भी मुझे धूप मे आने के बाद मिला...!!!
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अच्छा भाग्य खुद आपका
दरवाज़ा खटखटाता है। बस आपको
अवसरों को तलाशते रहना चाहिए।
दरवाज़ा खटखटाता है। बस आपको
अवसरों को तलाशते रहना चाहिए।
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इस दुनिया में किसी भी
व्यक्ति ने बिना हारे सफलता नहीं
पाई है। इसलिए हार से घबराइए मत
हौसला बनाए रखिए
कोशिश करते
रहिए
सफलता मिलेगी।
व्यक्ति ने बिना हारे सफलता नहीं
पाई है। इसलिए हार से घबराइए मत
हौसला बनाए रखिए
कोशिश करते
रहिए
सफलता मिलेगी।
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बिल्ली कभी भी ग्लव्ज़
पहनकर चूहे नहीं पकड़ती। अगर आप भी
सफलता चाहते हैं तो आराम छोड़
दीजिए और केवल लक्ष्य पर ध्यान
लगाइए।
पहनकर चूहे नहीं पकड़ती। अगर आप भी
सफलता चाहते हैं तो आराम छोड़
दीजिए और केवल लक्ष्य पर ध्यान
लगाइए।
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______जीत पक्की है_______*
कुछ करना है
तो डटकर चल।
*थोड़ा दुनियां से हटकर चल*।
लीक पर तो सभी चल लेते है
*कभी इतिहास को पलटकर चल*।
बिना काम के मुकाम कैसा?
*बिना मेहनत के
दाम कैसा*?
जब तक ना हाँसिल हो मंज़िल
*तो राह में
राही आराम कैसा*?
अर्जुन सा
निशाना रख
मन में
ना कोई बहाना रख*।
जो लक्ष्य सामने है
*बस उसी पे अपना ठिकाना रख।*
सोच मत
साकार कर
*अपने कर्मो से प्यार कर।*
मिलेंगा तेरी मेहनत का फल
*किसी और का ना इंतज़ार कर...
कुछ करना है
तो डटकर चल।
*थोड़ा दुनियां से हटकर चल*।
लीक पर तो सभी चल लेते है
*कभी इतिहास को पलटकर चल*।
बिना काम के मुकाम कैसा?
*बिना मेहनत के
दाम कैसा*?
जब तक ना हाँसिल हो मंज़िल
*तो राह में
राही आराम कैसा*?
अर्जुन सा
निशाना रख
मन में
ना कोई बहाना रख*।
जो लक्ष्य सामने है
*बस उसी पे अपना ठिकाना रख।*
सोच मत
साकार कर
*अपने कर्मो से प्यार कर।*
मिलेंगा तेरी मेहनत का फल
*किसी और का ना इंतज़ार कर...
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