बच्चों के लिए कविता शायरी

कल्पना और आनंद को विकसित करना

बच्चों के लिए कविता शायरी के विश्व में डूबें, जहाँ प्रत्येक कविता एक चिरकित खजाना होती है जो बच्चों की रचनात्मकता और जिज्ञासा को पोषण करती है। उलझन और लुभावने पंक्तियों का आनंद लें जो बच्चों को खुशी, शिक्षा, और प्रेरणा प्रदान करने के लिए जादूगरी शब्दों के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करती है।

आब रंगीं हौज़ संगीन मारा पीचा गुल-ख़ंदा

- unknown


मैं गाऊँ तुम सो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
सुख सपनों में खो जाओ
माना आज की रात है लम्बी


माना दिन था भारी
पर जग बदला
बदलेगी एक दिन तक़दीर हमारी
उस दिन के ख़्वाब सजाओ


मैं गाऊँ तुम सो जाओ
कल तुम जब आँखें खोलोगे
जब होगा उजयारा
ख़ुशियों का संदेशा ले कर


आएगा सवेरा प्यारा
मत आस के दीप बुझाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ
जी करता है जीते जी


मैं यूँ ही गाता जाऊँ
गर्दिश में थके-हारों का
माथा सहलाता जाऊँ
फिर इक दिन तुम दोहराओ


सुख सपनों में खो जाओ
मैं गाऊँ तुम सो जाओ

- shailendra


आज कल में ढल गया दिन हुआ तमाम
तू भी सो जा सो गई रंग-भरी शाम
सो गया चमन चमन सो गई कली कली
सो गए हैं सब नगर सो गई गली गली


नींद कह रही चल मेरी बाँहें थाम
तू भी सो जा सो गई रंग-भरी शाम
है बुझा बुझा सा दिल बोझ साँस साँस पर
जी रहें हैं फिर भी हम सिर्फ़ कल की आस पर


कह रही है चाँदनी ले के तेरा नाम
तू भी सो जा सो गई रंग-भरी शाम
कौन आएगा इधर किस की राह देखें हम
जिन की आहटें सुनीं जाने किस के थे क़दम


अपना कोई भी नहीं तो फिर अपने तो हैं राम
तू भी सो जा सो गई रंग-भरी शाम

- hasrat-jaipuri


मैं जागूँ तू सो जाए
राम करे ऐसा हो जाए
मेरी निन्दिया तोहे मिल जाए
मैं जागूँ तू सो जाए


मैं जागूँ तू सो जाए
गुज़र जाएँ सुख से तेरी दुख-भरी रतियाँ
बदल लूँ मैं तोसे अँखियाँ
बस में अगर हों ये बतियाँ


माँगूँ दु'आएँ हाथ उठाए
मेरी निंदिया तोहे मिल जाए
मैं जागूँ तू सो जाए
मैं जागूँ तू सो जाए


तू ही नहीं मैं ही नहीं
सारा ज़माना दर्द का है एक फ़साना
आदमी हो जाए दीवाना
याद करे गर भूल न जाए


मेरी निंदिया तोहे मिल जाए
मैं जागूँ तू सो जाए
मैं जागूँ तू सो जाए
स्वप्न चला आए कोई चोरी चोरी


मस्त पवन गाए लोरी
चंद्र-किरन बन के डोरी
तेरे मन को झूला झुलाए
मेरी निंदिया तोहे मिल जाए


मैं जागूँ तू सो जाए
मैं जागूँ तू सो जाए

- anand-bakhshi


चंदा मामा दूर के
चंदा मामा दूर के पूए पकाएँ बूर के
आप खाएँ थाली में मुन्ने को दें प्याली में
प्याली गई टूट मुन्ना गया रूठ


लाएँगे नई प्यालियाँ बजा बजा के तालियाँ
मुन्ने को मनाएँगे हम दूध मलाई खाएँगे
चंदा मामा दूर के पूए पकाएँ बूर के
उड़न खटोले बैठ के मुन्ना चंदा के घर जाएगा


तारों के सँग आँख-मिचोली खेल के दिल बहलाएगा
खेल-कूद से जब मेरे मुन्ने का दिल भर जाएगा
ठुमक ठुमक मेरा मुन्ना वापस घर को आएगा
चंदा मामा दूर के पूए पकाएँ बूर के


- ravi-shankar


मैं गाऊँ तू चुप हो जा
मैं गाऊँ तू चुप हो जा
मैं जागूँ रे तू सो जा
धरती की काया सोई


अंबर की माया सोई
झिलमिल तारों के नीचे
सपनों की छाया सोई
मैं ढूँढूँ


हो मैं ढूँढूँ रे तू खो जा
मैं जागूँ रे तू सो जा
जाने हवाएँ कहाँ खोईं
सागर की भी लहरें स्वयं


दुनिया का सब दुखड़ा भर के
तेरी दो अँखियाँ रे क्यों रोईं
आँसू के
हो आँसू के शबनम धो जा


मैं जागूँ रे तू सो जा
आँसू तेरे मुझ को दे दे
बदले में मेरी हँसी ले ले
तेरा तो मन सुख से खेले


मेरा हृदय तेरा दुख झेले
नए बीज
नए बीज ख़ुशी के बो जा
मैं जागूँ रे तू सो जा


मैं गाऊँ तू चुप हो जा
मैं जागूँ रे तू सो जा

- bharat-vyas


छोटी सी प्यारी सी
छोटी सी प्यारी सी नन्ही सी आई कोई परी
भोली सी न्यारी सी अच्छी सी आई कोई परी
पालने में ऐसे ही झूलती रहे


ख़ुशियों की बहारों में झूमती रहे
गाते मुस्कुराते संगीत की तरह
ये तो लगे रामा के गीत की तरह
रा-रा रू रा-रा रू रा-रा रा रू


सरगम जानूँ न सुर पहचानूँ न
जाने कैसे फ़नकार बन गया
सब से यारी है नाते-दारी है
जिस को चाहा वो यार बन गया


मुझ को जो दिया रब ने ही दिया
आया जो दिल में वो मैं ने गा लिया
आया जो दिल में वो मैं ने गा लिया
गाते मुस्कुराते संगीत की तरह


दुनिया लगे रामा के संगीत की तरह
रा रू रा-रा रू रा रू रा-रा रू

- sameer-anjan


आ जा री निन्दिया रानी आ जा
आ जा निन्दिया रानी आ जा दूर सितारों से
नन्हे नन्हे सपने ले आ दूर नज़ारों से
आ जा मेरी गुड़िया की नन्ही सी आँखों में


आ जा निन्दिया रानी आ जा दूर सितारों से
परियों की नगरी से आने वाली है वो सपने सलोने लिए
नन्ही सी पलकों में छुप जाएगी वो ढेरों खिलौने लिए
फिर थपकियाँ दे के वो गुनगुनाएगी


सो जा सो जा सो जा
आ जा निन्दिया रानी आ जा दूर सितारों से

- manish-tirpathi


गुड़िया रानी बिटिया रानी
गुड़िया रानी बिटिया रानी परियों की नगरी से इक दिन
राज कुँवर जी आएँगे महलों में ले जाएँगे
गुड़िया रानी बिटिया रानी


आगे पीछे घोड़े हाथी बीच में होंगे सौ बाराती
इतनी आज अकेली हो तुम तेरे कितने होंगे साथी
कितनी ख़ुश हूँ मैं मेरे आँख में पानी
गुड़िया रानी बिटिया रानी


तू मेरी छोटी सी गुड़िया बन जाएगी जादू की पुड़िया
तुझ पे आ जाएगी जवानी मैं तो हो जाऊँगी बुढ़िया
भूल न जाना प्रीत पुरानी गुड़िया रानी बिटिया रानी

- anand-bakhshi


नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना
नींद-भरे पंख लिए झूला झुला जाना
नींद-भरे पंख लिए झूला झुला जाना
नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना


नींद-भरे पंख लिए झूला झुला जाना
नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना
चाँद किरन सी गुड़िया नाज़ों की है पली
चाँद किरन सी गुड़िया नाज़ों की है पली


आज अगर चंदनिया आना मेरी गली
गिन गिन गिन गीत कोई हौले हौले गाना
नींद-भरे पंख लिए झूला झुला जाना
नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना


रेशम की डोर अगर पैरों को उलझाए
घुंघरू का दाना कोई शोर मचा जाए
रानी मेरी जागे तो फिर निंदिया तू बहलाना
नींद-भरे पंख लिए झूला झुला जाना


नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना

- majrooh-sultanpuri


ऐ मेरे जानी ऐ मेरे प्यारे
आँखों की ठंडक दिल के सहारे
ठंडी हवाएँ आने लगी हैं
पैग़ाम-ए-राहत लाने लगी हैं


देता है लोरी घड़ियाल सो जा
रात आ गई है ऐ लाल सो जा
क़ुर्बां दिनों पर रातों के सदक़े
मैं तेरी मीठी बातों के सदक़े


तू ही हमारे दिल का सहारा
माँ की जवानी अब्बा का प्यारा
जब लाएगा तू दौलत कमा कर
देगा हमारे हाथों में ला कर


सुख तेरा हम को मौला दिखाए
तुझ को निगाह-ए-बद से बचाए

- seemab-akbarabadi


मिरे भय्या का झूला है हा-हा हा हू-हू हू
हवा का ये तो घोड़ा है हा-हा हा हू-हू हू
बड़ी तेज़ी से जाता है बड़ी तेज़ी से आता है
हवा से बातें करता है हा-हा हा हू-हू हू


न इस में बद-रिकाबी है न इस में बद-लगामी है
न खाता कोई कोड़ा है हा-हा हा हू-हू हू
ये चारों डोरियाँ इस की अगाड़ी और पछाड़ी हैं
हवा में इस से लटका है हा-हा हा हू-हू हू


- mohammad-husain-azad


हुई रैन चंदन का पलना झुलाऊँ
मिरे लाडले तुझ को लोरी सुनाऊँ
सदा जादू-नगरी के देखे तू सपने
भरे फूल ख़ुशियों के दामन में अपने


मोहब्बत से तुझ को संवारूँ सजाऊँ
मिरे लाडले तुझ को लोरी सुनाऊँ
तू नूर-ए-नज़र है तू घर का उजाला
बहुत नाज़ से है तुझे मैं ने पाला


मिरे चाँद तुझ पे सदा वारी जाऊँ
मिरे लाडले तुझ को लोरी सुनाऊँ
तू झूला धनक का मिरे लाल झूले
बड़ा हो के तू कहकशाओं को छू ले


सितारे तिरे खेलने को मैं लाऊँ
मिरे लाडले तुझ को लोरी सुनाऊँ
तिरे वास्ते हैं मिरी सब दु'आएँ
हमेशा रहें दूर तुझ से बलाएँ


- nasriin-syed


नन्ही-मुन्नी राज-दुलारी मेरी आँखों का तारा
तेरी आँखें कितनी प्यारी जिस से चमके घर सारा
नन्ही-मुन्नी राज-दुलारी मेरी आँखों का तारा
आँखें मूँदे सो जा प्यारी पलकें सजाए झूले


जिस में प्यारी प्यारी परियाँ रक़्स करें रंगीले
हल्के हल्के झोंके नग़्मा गाने लगे हैं न्यारा
नन्ही-मुन्नी राज-दुलारी मेरी आँखों का तारा
रंगीं तितली आ कर छेड़े तेरे इन गालों को


चिड़िया बुलबुल आ कर चूमें तेरे इन बालों को
लोरी गाने कलियाँ आएँ फूल बने गहवारा
नन्ही-मुन्नी राज-दुलारी मेरी आँखों का तारा
सावन बरखा नदिया पानी चूमे तेरे पैरों को


जुगनू तारे जगमग चमके चैन मिले तिरे नैनों को
नील-गगन का चंदा है तू फैलाए उजयारा
नन्ही-मुन्नी राज-दुलारी मेरी आँखों का तारा

- ahmed-nisar


आ जा री निन्दिया आ जाना
मेरी मुन्नी को सुला जाना
फूलों की रानी सोने लगी है
ख़्वाबों में अपने वो खोने लगी है


कह दो हवा से कि धीरे से आए
कोई यहाँ पर न शोर मचाए
तू भी तो धीरे धीरे आ
आ जा री निन्दिया आ जाना


मेरी मुन्नी को सुला जाना
चाँद नगर से ये झूला मंगाया
तितली के रंगों से इस को सजाया
फूल भी ख़ुशबू लुटाने लगे हैं


भौंरे भी नग़्मे सुनाने लगे हैं
तू भी तो आ जा लोरी सुना जा
आ जा री निन्दिया आ जाना
मेरी मुन्नी को सुला जाना


परियाँ मेरे घर में आई हुई हैं
चाँदनी भी साथ लाई हुई हैं
कोयल भी गीत सुनाने को आई
चिड़िया भी झूला झुलाने को आई


तू भी तो आ जा लोरी सुना जा
आ जा री निन्दिया आ जाना
मेरी मुन्नी को सुला जाना

- shamshad-jaleel-shad


लो मेरे नन्हा को आती है नींद
सोने का पैग़ाम लाती है नींद
नन्हा है मेरा बड़ा पहलवान
नन्हे पे मेरे ख़ुदा की अमान


सच बोलता है ये नन्हा मिरा
है झूटी बातों से बेज़ार सा
झूट और चुग़ली से बचता है ये
कितना समझदार बच्चा है ये


लेता है पहले ख़ुदा का ये नाम
करता है फिर हैं जो करने के काम
पढ़ने से ये जी चुराता नहीं
खेल और कूद इस को भाता नहीं


होगा बड़ा जब ये बेटा मिरा
इस को मिलेगा बड़ा मर्तबा
इस्लाम के काम आएगा ये
दुनिया की महफ़िल सजाएगा ये


हो मेरे नन्हा पे फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा
जुग-जुग जिए ये मिरा लाडला
आ जा री निन्दिया तू आ क्यों न जाए
नन्हा को मेरे सुला क्यों न जाए


आती हूँ बीबी अब आती हूँ मैं
नन्हा को आ कर सुलाती हूँ मैं

- seemab-akbarabadi


रोएगा न रोएगा
मुन्ना बेटा सोएगा
पापा घर जब आएँगे
टॉफ़ी बिस्कुट लाएँगे


मुन्ना बेटा खाएगा
सो कर जब उठ जाएगा
रोएगा न रोएगा
मुन्ना बेटा रोएगा


दीदी कल जब आएगी
चंदा पर ले जाएगी
चंदा पर जब झूलेगा
मुन्ना बेटा फूलेगा


रोएगा न रोएगा
मुन्ना बेटा सोएगा
बिजली जब ये चमके है
घर में भी आ धमके है


बादल देखो गरजे है
पानी भी अब बरसे है
रोएगा न रोएगा
मुन्ना बेटा सोएगा


कुत्ता भौं-भौं करता है
बच्चा डर से सोता है
जब जब कुत्ता आ जाए
हम को तुम को खा जाए


रोएगा न रोएगा
मुन्ना बेटा सोएगा

- ahmad-nadeem-morsandvi


सो गई तितली सो गई मैना
सो गई कोयल सो गई चिड़िया
सो गई बुलबुल सो गई मैना
पँख-पखेरू सो गए सारे


तू भी सो जा मुन्ना प्यारे
मुन्नी की आँख का तारा सो जा
पापा का राज दुलारा सो जा
दादी का मोहन प्यारा सो जा


पापा दादी सो गए तुम्हारे
तू भी सो जा मुन्ना प्यारे
चंदा-मामा चमकते सो गए
जुगनू तो अब दमकते सो गए


तारे भी टिमटिमाते सो गए
सो गए चंदा जुगनू तारे
तू भी सो जा मुन्ना प्यारे
देखो आई परी सुनहरी


साथ लाई निन्दिया की डोरी
निन्दिया से है भरी पिटारी
आई निन्दिया पंख पसारे
तू भी सो जा मुन्ना प्यारे


- hashmat-kamal-pasha


निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे
चाँद सा मुखड़ा इस का है आँखें इस की तारे
सात समुंदर पार से आएगा शहज़ादा
प्यारा प्यारा चेहरा इस का होगा नेक इरादा


ब्याह रचा के जाएगा मुस्काएँगे सारे
निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे
चाँद में जैसे चाँदनी बाँसुरी में हो रागनी
मेरी बेटी परियों के देस की है इक रानी


सपने उस की पलकों पर आ के तू सजा रे
निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे
आसमान के तारे आ कर लोरी तुम सुनाओ
चंदा-मामा तुम भी गा कर मुन्नी को सुलाओ


पलकों के आकाश पर नींद के बादल छा रे
निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे
चमके तेरा मुक़द्दर और तू बन जाए रानी
सारी दुनिया में फैले रानी तिरी कहानी


तेरा अपना जीवन हो तेरे घर चौबारे
निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे
सुख ही सुख हो जीवन में दुख न कोई आए
हर पल ख़ुशियाँ जीवन में बेटी तेरे लाए


तेरे आँगन में खेलें तेरे बच्चे प्यारे
निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे
चाँद के झूले में सोए दुख न कभी ये पाए
इस का जीवन सुंदर हो हर पथ पर मुस्काए


'असग़र' के संग अब ये दु'आ आओ करें हम सारे
निन्दिया रानी आ रे मुन्नी को सुला रे

- asghar-rizvi


चाँदनी छटकी हुई है हर तरफ़
रौशनी ही रौशनी है हर तरफ़
एक औरत बाम पर है जल्वा-गर
चर्ख़-ए-नीली-फ़ाम पर जैसे क़मर


गोद में है एक बच्चा शीर-ख़्वार
प्यार करती है उसे वो बार-बार
कह रही है चाँद को वो देख कर
तुझ से अच्छा है मिरा नूर-ए-नज़र


नूर जो इस में है वो तुझ में कहाँ
तुझ में कब हैं जो हैं इस में ख़ूबियाँ
मेरी आँखों का है तारा नूर-ए-‘ऐन
मेरी आँखों की है ठंडक दिल का चैन


क्यों न चूमूँ इस की दो आँखों को मैं
चाँद से चेहरे पे दो तारे ये हैं
चाँद तेरे मुँह पे कब है आँख नाक
क्या नज़र-भर कर तुझे देखूँ मैं ख़ाक


चाँद का टुकड़ा है ये बच्चा मिरा
लख़्त-ए-दिल लख़्त-ए-जिगर माँ-बाप का
देख कर इस को तुझे देखूँ मैं क्या
दूर तू नज़दीक मेरा लाडला


मेरा बच्चा मेरे घर का है चराग़
देख कर होती हूँ इस को बाग़-बाग़
चाँद क्यों तू देखता है घूर कर
मेरे बच्चे को न लग जाए नज़र


चाँद डालेगा ख़लल आराम में
अब चलो नन्हे कि जा कर सो रहें

- zaheen


चंदा सोया सो गए तारे
सो गए सारे नज़्ज़ारे
जग सारा सोया
सपनों में खोया


तू भी तो सो जा
सपनों में खो जा
सो जा मुन्ना प्यारे
मेरे राज-दुलारे


दरिया सोया सो गए धारे
सो गए दोनों किनारे
तू भी तो सो जा
सपनों में खो जा


सो जा मुन्ना प्यारे
मेरे राज-दुलारे
राही सोया सो गई मंज़िल
सो गई हर इक महफ़िल


तू भी तो सो जा
सपनों में खो जा
सो जा मुन्ना प्यारे
मेरे राज-दुलारे


आ जा प्यारी निन्दिया तू आ जा
मुन्ने की आँखों में आ के समा जा
मुन्ने को जल्दी सुला जा
जग सारा सोया


सपनों में खोया
तू भी तो सो जा
सपनों में खो जा
सो जा मुन्ना प्यारे


मेरे राज-दुलारे

- mohsin-baeshin-hasrat


सो जा मेरे प्यारे सो जा
मेरे राज-दुलारे सो जा
दुनिया पर है रात का डेरा
हर जानिब है नींद का फेरा


चिड़ियों ने भी किया बसेरा
सो गए दिन के नज़ारे सो जा
सो जा मेरे प्यारे सो जा
चाँद सितारे लोरी गाएँ


निकलें माँ के दिल से दु'आएँ
रद्द हों तेरी सारी बलाएँ
मेरी जान से प्यारे सो जा
मेरे राज-दुलारे सो जा


ऐ मेरे नाज़ों के पाले
पलकों पलकों ख़्वाब सजा ले
रात ब-ख़ैर ख़ुदा के हवाले
मेरे दिल के सहारे सो जा


सो जा मेरे प्यारे सो जा

- sarshar-siddiqui


निन्दिया तुझे बुलाए
ख़्वाब परी ललचाए
ख़्वाब में तेरे गुड़िया
जागने वाली आए


नींद नगर की रानी
हंड कुल्हिया पकवाए
राह तके है तेरी
दस्तरख़्वान बिछाए


देख तो सो कर प्यारी
सब तुझ को मिल जाए

- aadil-aseer-dehlvi


मेरी अम्मी मीठे सुर में गाती हैं जब लोरी
जाने कहाँ से आ जाती हैं परियाँ गोरी-गोरी
क्या जाने वो मुझ पर कैसा कर देती हैं जादू
अम्मी याद आती हैं मुझ को और न अपने अब्बू


अपने सुनहरे रंग-बिरंगे पंखों को फैला कर
जाने कहाँ ले जाती हैं वो मुझ को चोरी-चोरी
मेरी अम्मी मीठे सुर में गाती हैं जब लोरी
जाने कहाँ से आ जाती हैं परियाँ गोरी-गोरी


रोज़ रात को आ जाती हैं गर्मी हो या सर्दी
क्या जाने क्यों उन को मुझ से है इतनी हमदर्दी
यूँ हर एक परी उड़ती है मेरे पीछे-पीछे
जैसे चाँद के पीछे-पीछे भागे कोई चकोरी


मेरी अम्मी मीठे सुर में गाती हैं जब लोरी
जाने कहाँ से आ जाती हैं परियाँ गोरी-गोरी
अपने घर ले जा कर मुझ को देती हैं वो खिलौने
खाने को मिलते हैं मुझ को तरह तरह के दोने


जितनी जी चाहे खाऊँ मैं जितनी जी चाहे फेंकूँ
मेरे आगे होती है इक शीरीनी की बोरी
मेरी अम्मी मीठे सुर में गाती हैं जब लोरी
जाने कहाँ से आ जाती हैं परियाँ गोरी-गोरी


सारी रात दिखाती हैं वो मुझ को चाँद सितारे
लेकिन सुब्ह से पहले आ जाती हैं मेरे द्वारे
और मुझे पहूँचा देती हैं फिर अपने झूले में
मेरे हाथों में पकड़ा कर ख़्वाबों की इक डोरी


मेरी अम्मी मीठे सुर में गाती हैं जब लोरी
जाने कहाँ से आ जाती हैं परियाँ गोरी-गोरी

- kaif-ahmed-siddiqui


मत रो बच्चे
रो-रो के अभी
तेरी अम्मी की आँख लगी है
मत रो बच्चे


कुछ ही पहले
तेरे अब्बा ने
अपने ग़म से रुख़्सत ली है
मत रो बच्चे


तेरा भाई
अपने ख़्वाब की तितली पीछे
दूर कहीं परदेस गया है
मत रो बच्चे


तेरी बाजी का
डोला पराए देस गया है
मत रो बच्चे
तेरे आँगन में


मुर्दा सूरज नहला के गए हैं
चंद्रमा दफ़ना के गए हैं
मत रो बच्चे
अम्मी अब्बा बाजी भाई


चाँद और सूरज
तू गर रोएगा तो ये सब
और भी तुझ को रुलवाएँगे
तू मुस्काएगा तो शायद


सारे इक दिन भेस बदल कर
तुझ से खेलने लौट आएँगे

- faiz-ahmad-faiz