सभी हिंदी शायरी

बिला मतलब कोई आता नहीं था

बिला मतलब कोई आता नहीं था ...

fahmi-badayuni

भरी महफ़िल में तन्हा देखना है

भरी महफ़िल में तन्हा देखना है ...

fahmi-badayuni

बस वही लफ़्ज़ तज़्किरे में है

बस वही लफ़्ज़ तज़्किरे में है ...

fahmi-badayuni

बाक़ी सब को हराना पड़ता है

बाक़ी सब को हराना पड़ता है ...

fahmi-badayuni

बाक़ी जो लोग हैं कहीं होते

बाक़ी जो लोग हैं कहीं होते ...

fahmi-badayuni

बहुत दुश्वार है रस्ता हमारा

बहुत दुश्वार है रस्ता हमारा ...

fahmi-badayuni

बड़ी गहरी ख़मोशी हो गई है

बड़ी गहरी ख़मोशी हो गई है ...

fahmi-badayuni

'अक़्ल का हर सवाल काट दिया

'अक़्ल का हर सवाल काट दिया ...

fahmi-badayuni

अना बेदार होती जा रही है

अना बेदार होती जा रही है ...

fahmi-badayuni

अगर ज़रा भी किसी सर का ज़िक्र होता है

अगर ज़रा भी किसी सर का ज़िक्र होता है ...

fahmi-badayuni

आप हमें क्या भूल गए हैं

आप हमें क्या भूल गए हैं ...

fahmi-badayuni

आप देते नहीं सज़ा कोई

आप देते नहीं सज़ा कोई ...

fahmi-badayuni

आप अगर मेहरबाँ नहीं होते

आप अगर मेहरबाँ नहीं होते ...

fahmi-badayuni

आख़िरी दाद राख ने दी थी

आख़िरी दाद राख ने दी थी ...

fahmi-badayuni

आख़िरी बार देखना है उसे

आख़िरी बार देखना है उसे ...

fahmi-badayuni

आज उस के दिल में देखा दूसरा अपनी जगह

आज उस के दिल में देखा दूसरा अपनी जगह ...

fahmi-badayuni

आबला-पाई का नशा न गया

आबला-पाई का नशा न गया ...

fahmi-badayuni

लड़कपन में किसी की 'आशिक़ी अच्छी नहीं होती

लड़कपन में किसी की 'आशिक़ी अच्छी नहीं होती ...

devesh-dixit

जिसे अपना समझते थे वही अपना नहीं निकला

जिसे अपना समझते थे वही अपना नहीं निकला ...

devesh-dixit

हज़ारों रंज सहते हैं हज़ारों ग़म उठाते हैं

हज़ारों रंज सहते हैं हज़ारों ग़म उठाते हैं ...

devesh-dixit
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