सभी हिंदी शायरी

बहुत चाहा कि कुछ कह दें ज़बाँ फिर भी नहीं खोली

बहुत चाहा कि कुछ कह दें ज़बाँ फिर भी नहीं खोली ...

devesh-dixit

बा'द तुम्हारे देख न पाया दर्पन कैसा होता है

बा'द तुम्हारे देख न पाया दर्पन कैसा होता है ...

devesh-dixit

अन्दर बिल्कुल कड़वे लेकिन बाहर मीठे होते हैं

अन्दर बिल्कुल कड़वे लेकिन बाहर मीठे होते हैं ...

devesh-dixit

यादें

महफ़ूज़ हैं यादों में अभी तक वो ब-तदरीज ...

bazm-ansari

ऐ मिरी हमदम-ओ-दम-साज़

ऐ मिरी हमदम-ओ-दम-साज़ मिरी जान-ए-नफ़स ...

bazm-ansari

मौजिब-ए-रंग-ए-चमन ख़ून-ए-शहीदाँ निकला

मौजिब-ए-रंग-ए-चमन ख़ून-ए-शहीदाँ निकला

basir-sultan-kazmi

कितने बघार

सुन सहेली सुन ...

ata-ur-rahman-tariq

बजट मैं ने देखे हैं सारे तिरे

बजट मैं ने देखे हैं सारे तिरे

anwar-masood

वही अब हो गया दुश्मन हमारा

वही अब हो गया दुश्मन हमारा ...

ankit-maurya

तालाब दरिया झील समुंदर नहीं हुए

तालाब दरिया झील समुंदर नहीं हुए ...

ankit-maurya

शिद्दत से मुझ से हाथ छुड़ाने के बावजूद

शिद्दत से मुझ से हाथ छुड़ाने के बावजूद ...

ankit-maurya

कितना हसीन ख़्वाब था आँखों में रह गया

कितना हसीन ख़्वाब था आँखों में रह गया ...

ankit-maurya

इस क़दर लोगों की कमी है मुझे

इस क़दर लोगों की कमी है मुझे ...

ankit-maurya

दोनों तरफ़ से रब्त के पहलू निकाल कर

दोनों तरफ़ से रब्त के पहलू निकाल कर ...

ankit-maurya

वो हादिसा भी हुआ मेरी ज़िंदगानी में

वो हादिसा भी हुआ मेरी ज़िंदगानी में ...

anaam-damohi

समा'अत से जब आवाज़ों का नाता टूट जाता है

समा'अत से जब आवाज़ों का नाता टूट जाता है ...

anaam-damohi

जुड़ाव इतना भी आसाँ नहीं वफ़ाओं से

जुड़ाव इतना भी आसाँ नहीं वफ़ाओं से ...

anaam-damohi

है वस्ल अगर इस में तो फ़ुर्क़त भी बहुत है

है वस्ल अगर इस में तो फ़ुर्क़त भी बहुत है ...

anaam-damohi

बा'द तेरे क्या बताएँ और क्या चलता रहा

बा'द तेरे क्या बताएँ और क्या चलता रहा ...

anaam-damohi

ये मिरी ज़िद है कि मुझ को वो मनाने आए

ये मिरी ज़िद है कि मुझ को वो मनाने आए ...

amir-masood
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