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बहुत चाहा कि कुछ कह दें ज़बाँ फिर भी नहीं खोली
बहुत चाहा कि कुछ कह दें ज़बाँ फिर भी नहीं खोली ...
बा'द तुम्हारे देख न पाया दर्पन कैसा होता है
बा'द तुम्हारे देख न पाया दर्पन कैसा होता है ...
अन्दर बिल्कुल कड़वे लेकिन बाहर मीठे होते हैं
अन्दर बिल्कुल कड़वे लेकिन बाहर मीठे होते हैं ...
समा'अत से जब आवाज़ों का नाता टूट जाता है
समा'अत से जब आवाज़ों का नाता टूट जाता है ...