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कहाँ मिलता है जाँ अन्क़ा है ऐसा बे-नियाज़ आशिक़
कहाँ मिलता है जाँ अन्क़ा है ऐसा बे-नियाज़ आशिक़
क्या है मेरी ज़ात क्या औक़ात है कुछ भी नहीं
क्या है मेरी ज़ात क्या औक़ात है कुछ भी नहीं ...
बहुत मुश्किल की ख़्वाहिश को कभी आसाँ नहीं देखा
बहुत मुश्किल की ख़्वाहिश को कभी आसाँ नहीं देखा ...
मैं समझ रहा था कि वक़्त ने तिरा नाम दिल से मिटा दिया
मैं समझ रहा था कि वक़्त ने तिरा नाम दिल से मिटा दिया ...