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जुज़ अंधेरे के न कुछ शब के ख़ज़ाने से मिला

जुज़ अंधेरे के न कुछ शब के ख़ज़ाने से मिला ...

baqar-naqvi

हज़ार बच के चले हर तरह से दूर किया

हज़ार बच के चले हर तरह से दूर किया ...

baqar-naqvi

चमन से दूर हवा की अमान से बाहर

चमन से दूर हवा की अमान से बाहर ...

baqar-naqvi

चल रहे हैं एक ही जानिब को दरिया और हम

चल रहे हैं एक ही जानिब को दरिया और हम ...

baqar-naqvi

चाह कर भी तुझे हम तेरे शनासा न हुए

चाह कर भी तुझे हम तेरे शनासा न हुए ...

baqar-naqvi

बहुत बड़ा नहीं घर खिड़कियाँ कुशादा नहीं

बहुत बड़ा नहीं घर खिड़कियाँ कुशादा नहीं ...

baqar-naqvi

उलझनें

आदमी आज भी सद-हैफ़ कि इंसान नहीं ...

bano-tahira-sayeed

सामराज की शिकस्त

मादर-ए-हिन्द के माथे की शिकन दूर हुई ...

bano-tahira-sayeed

न तुम क़रीब आओ

मिरे ख़याल पे जैसे कि छा गए हो तुम ...

bano-tahira-sayeed

महारानी लक्ष्मी-बाई

गुल-ए-रा'ना-ओ-दिल-आरा थी लक्ष्मी ...

bano-tahira-sayeed

झांसी की रानी

हिन्द माता की एक बेटी ...

bano-tahira-sayeed

ग़म-ए-दिल

दिल की वहशत को इक ज़माना हुआ ...

bano-tahira-sayeed

अँधेरा

कितना गम्भीर घटा-टोप अँधेरा है यहाँ ...

bano-tahira-sayeed

तस्लीम उन आँखों का एजाज़-ए-मसीहाई

तस्लीम उन आँखों का एजाज़-ए-मसीहाई ...

balraj-hairat

क़रनों पुराना वक़्त को ललकारता हुआ

क़रनों पुराना वक़्त को ललकारता हुआ ...

balraj-hairat

न तेरी शक्ल से वाक़िफ़ न तेरी बास से लोग

न तेरी शक्ल से वाक़िफ़ न तेरी बास से लोग ...

balraj-hairat

मैं ने कब चाहा मुरादों का सफ़र ऐसा न हो

मैं ने कब चाहा मुरादों का सफ़र ऐसा न हो ...

balraj-hairat

खड़े हैं सामने अहबाब अजगरों की तरह

खड़े हैं सामने अहबाब अजगरों की तरह ...

balraj-hairat

कल आसमान जैसे कोई शो'ला-ज़ार था

कल आसमान जैसे कोई शो'ला-ज़ार था ...

balraj-hairat

हस्सास दिल था शर्म से नम-दीदा हो गया

हस्सास दिल था शर्म से नम-दीदा हो गया ...

balraj-hairat
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