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होती है हसीनों से जो जफ़ा 'उश्शाक़ गवारा करते हैं
होती है हसीनों से जो जफ़ा 'उश्शाक़ गवारा करते हैं ...
उभरता चाँद लिक्खेंगे सुनहरा ख़्वाब लिक्खेंगे
उभरता चाँद लिक्खेंगे सुनहरा ख़्वाब लिक्खेंगे ...
होती है हसीनों से जो जफ़ा 'उश्शाक़ गवारा करते हैं ...
उभरता चाँद लिक्खेंगे सुनहरा ख़्वाब लिक्खेंगे ...