सभी हिंदी शायरी

इक फ़ाख़्ता ये पूछ रही है हवाओं से

इक फ़ाख़्ता ये पूछ रही है हवाओं से ...

balraj-hairat

आँख में आँसू नज़र में दर्द पैदा कर गया

आँख में आँसू नज़र में दर्द पैदा कर गया ...

balraj-hairat

ज़िंदगी इक जाल में उलझी हुई है आज भी

ज़िंदगी इक जाल में उलझी हुई है आज भी ...

balbir-rathi

राह-रौ को दूर से मंज़िल समझ बैठे थे हम

राह-रौ को दूर से मंज़िल समझ बैठे थे हम ...

balbir-rathi

मोहब्बत से जुनूँ की दास्ताँ तक आ गया हूँ मैं

मोहब्बत से जुनूँ की दास्ताँ तक आ गया हूँ मैं ...

balbir-rathi

मोहब्बत से अगर बेज़ार हो जाते तो अच्छा था

मोहब्बत से अगर बेज़ार हो जाते तो अच्छा था ...

balbir-rathi

किसी भी ख़्वाब में जब दिलकशी बाक़ी नहीं रहती

किसी भी ख़्वाब में जब दिलकशी बाक़ी नहीं रहती ...

balbir-rathi

हसरतें ख़ामोश हैं उजड़े मज़ारों की तरह

हसरतें ख़ामोश हैं उजड़े मज़ारों की तरह ...

balbir-rathi

हमें साथ मिल तो गया था किसी का

हमें साथ मिल तो गया था किसी का ...

balbir-rathi

गो पुरानी हो चुकी वो होश में आने की बात

गो पुरानी हो चुकी वो होश में आने की बात ...

balbir-rathi

'अता कर दी किसी ने वो बला की तिश्नगी मुझ को

'अता कर दी किसी ने वो बला की तिश्नगी मुझ को ...

balbir-rathi

अभी तक तल्ख़ी-ए-मय में कमी मा'लूम होती है

अभी तक तल्ख़ी-ए-मय में कमी मा'लूम होती है ...

balbir-rathi

सूरज को अँधेरों से निकलने नहीं देते

सूरज को अँधेरों से निकलने नहीं देते ...

badr-e-alam-khan-azmi

किसी की ज़द पे कोई सर नहीं है

किसी की ज़द पे कोई सर नहीं है ...

badr-e-alam-khan-azmi

जो मुंतज़र है वही इंक़िलाब मैं दूँगा

जो मुंतज़र है वही इंक़िलाब मैं दूँगा ...

badr-e-alam-khan-azmi

धोका है अगर आँख में क़ातिल की नमी है

धोका है अगर आँख में क़ातिल की नमी है ...

badr-e-alam-khan-azmi

दस्त-ए-क़ातिल में कोई तेग़ न ख़ंजर होता

दस्त-ए-क़ातिल में कोई तेग़ न ख़ंजर होता ...

badr-e-alam-khan-azmi

तस्वीर-ए-मसर्रत है कि ग़म खोए हुए हैं

तस्वीर-ए-मसर्रत है कि ग़म खोए हुए हैं ...

badr-shamsi

ज़ुल्म

हो जाता है मिनटों में पसीने से शराबोर ...

badr-muneer

तज़ाद

इलेक्शन की मुहिम हो तो दुपट्टा सर पे आ जाए ...

badr-muneer
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