सभी हिंदी शायरी
मोहब्बत से जुनूँ की दास्ताँ तक आ गया हूँ मैं
मोहब्बत से जुनूँ की दास्ताँ तक आ गया हूँ मैं ...
किसी भी ख़्वाब में जब दिलकशी बाक़ी नहीं रहती
किसी भी ख़्वाब में जब दिलकशी बाक़ी नहीं रहती ...
'अता कर दी किसी ने वो बला की तिश्नगी मुझ को
'अता कर दी किसी ने वो बला की तिश्नगी मुझ को ...
अभी तक तल्ख़ी-ए-मय में कमी मा'लूम होती है
अभी तक तल्ख़ी-ए-मय में कमी मा'लूम होती है ...
दस्त-ए-क़ातिल में कोई तेग़ न ख़ंजर होता
दस्त-ए-क़ातिल में कोई तेग़ न ख़ंजर होता ...