सभी हिंदी शायरी

रास्ता मुझ से अलग तुम भी बना सकते हो

रास्ता मुझ से अलग तुम भी बना सकते हो ...

ahmed-arsalan

रात-दिन इतना सोचता क्या है

रात-दिन इतना सोचता क्या है ...

ahmed-arsalan

रात-भर इंतिज़ार उस ने किया

रात-भर इंतिज़ार उस ने किया ...

ahmed-arsalan

नींद भी गहरी है और गहरी है थोड़ी रात भी

नींद भी गहरी है और गहरी है थोड़ी रात भी ...

ahmed-arsalan

नफ़रतों को मिटा दिया तू ने

नफ़रतों को मिटा दिया तू ने ...

ahmed-arsalan

मेरा रस्ता बदल गया होता

मेरा रस्ता बदल गया होता ...

ahmed-arsalan

क्या पता था एक दिन हम बे-हुनर हो जाएँगे

क्या पता था एक दिन हम बे-हुनर हो जाएँगे ...

ahmed-arsalan

किसी ख़ास तक न पहुँचे किसी 'आम तक न पहुँचे

किसी ख़ास तक न पहुँचे किसी 'आम तक न पहुँचे ...

ahmed-arsalan

काम होंगे न कुछ भी दु'आ के सिवा

काम होंगे न कुछ भी दु'आ के सिवा ...

ahmed-arsalan

जैसी है आज चाहत पहले कभी नहीं थी

जैसी है आज चाहत पहले कभी नहीं थी ...

ahmed-arsalan

हम ख़ुशी सामने ग़म-ख़्वार के रख देते हैं

हम ख़ुशी सामने ग़म-ख़्वार के रख देते हैं ...

ahmed-arsalan

अपनी 'इज़्ज़त का कुछ ख़याल रखो

अपनी 'इज़्ज़त का कुछ ख़याल रखो ...

ahmed-arsalan

आज-कल घर में तीरगी है बहुत

आज-कल घर में तीरगी है बहुत ...

ahmed-arsalan

वो तफ़ावुतें हैं मिरे ख़ुदा कि ये तू नहीं कोई और है

वो तफ़ावुतें हैं मिरे ख़ुदा कि ये तू नहीं कोई और है ...

ahmad-faraz

तपते सहराओं पे गरजा सर-ए-दरिया बरसा

तपते सहराओं पे गरजा सर-ए-दरिया बरसा ...

ahmad-faraz

हम अपने आँसुओं का अफ़्साना क्या सुनाएँ

हम अपने आँसुओं का अफ़्साना क्या सुनाएँ ...

ahmad-faraz

दिल में अब ताक़त कहाँ ख़ूनाबा-अफ़्शानी करे

दिल में अब ताक़त कहाँ ख़ूनाबा-अफ़्शानी करे ...

ahmad-faraz

बे-सर-ओ-सामाँ थे लेकिन इतना अंदाज़ा न था

बे-सर-ओ-सामाँ थे लेकिन इतना अंदाज़ा न था ...

ahmad-faraz

बे-नियाज़-ए-ग़म-ए-पैमान-ए-वफ़ा हो जाना

बे-नियाज़-ए-ग़म-ए-पैमान-ए-वफ़ा हो जाना ...

ahmad-faraz

अफ़'ई की तरह डसने लगी मौज-ए-नफ़स भी

अफ़'ई की तरह डसने लगी मौज-ए-नफ़स भी ...

ahmad-faraz
PreviousPage 148 of 642Next