सभी हिंदी शायरी

दर्द दिल का उभर न जाए कहीं

दर्द दिल का उभर न जाए कहीं ...

faisal-farooq

बना रहा हूँ मैं फ़ेहरिस्त छोटे लोगों की

बना रहा हूँ मैं फ़ेहरिस्त छोटे लोगों की

ejaaz-tawakkal

फिर से हसीन वक़्त की बस्ती में आ गए

फिर से हसीन वक़्त की बस्ती में आ गए ...

dr.-bhavna

कहोगे तुम नहीं जितना वो अब उतना समझता है

कहोगे तुम नहीं जितना वो अब उतना समझता है ...

dr.-bhavna

हैं दरीचे न खिड़कियाँ घर में

हैं दरीचे न खिड़कियाँ घर में ...

dr.-bhavna

धूप से तपते सफ़र में छाँव की बातें भली

धूप से तपते सफ़र में छाँव की बातें भली ...

dr.-bhavna

चलेगी जब मोहब्बत की कभी चर्चा मिरे पीछे

चलेगी जब मोहब्बत की कभी चर्चा मिरे पीछे ...

dr.-bhavna

हाथ भर दूरी पे है क़िस्मत की चाबी आप की

हाथ भर दूरी पे है क़िस्मत की चाबी आप की

charagh-sharma

शब थी नज़र में शाम से पहले

शब थी नज़र में शाम से पहले ...

behzad-lakhnavi

आह असर हो गई तो क्या होगा

आह असर हो गई तो क्या होगा ...

behzad-lakhnavi

वो अदा फ़रेब-ए-महफ़िल वो नज़र बला-ए-जाँ है

वो अदा फ़रेब-ए-महफ़िल वो नज़र बला-ए-जाँ है ...

bazm-ansari

सूरत-ए-गर्दिश-ए-हालात बदलती ही नहीं

सूरत-ए-गर्दिश-ए-हालात बदलती ही नहीं ...

bazm-ansari

रफ़ू-ए-दामन-ए-सद-तार-तार रहने दे

रफ़ू-ए-दामन-ए-सद-तार-तार रहने दे ...

bazm-ansari

क़रार दिल को कहाँ बे-क़रार दिल ही तो है

क़रार दिल को कहाँ बे-क़रार दिल ही तो है ...

bazm-ansari

फूल अश्कों के इन आँखों से पिरो भी न सके

फूल अश्कों के इन आँखों से पिरो भी न सके ...

bazm-ansari

माना कि उसे हम से कभी प्यार नहीं था

माना कि उसे हम से कभी प्यार नहीं था ...

bazm-ansari

क्या कम है ये भी वा'दा-ए-फ़र्दा किया तो है

क्या कम है ये भी वा'दा-ए-फ़र्दा किया तो है ...

bazm-ansari

किया जो 'अह्द कि उस से कभी मिलूँ भी नहीं

किया जो 'अह्द कि उस से कभी मिलूँ भी नहीं ...

bazm-ansari

जो दम के साथ थे कल तक कभी जुदा भी न थे

जो दम के साथ थे कल तक कभी जुदा भी न थे ...

bazm-ansari

गिला उसे है अगर आ के रू-ब-रू तो करे

गिला उसे है अगर आ के रू-ब-रू तो करे ...

bazm-ansari
PreviousPage 134 of 642Next