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मोना लिसा
परियों की सर-ज़मीन को एक रास्ता जाता है शाह बलूत और सनोबर के जंगलों में से गुज़रता हुआ जहाँ रुपहली नद्दियों के किनारे चेरी और बादाम के सायों में ख़ूबसूर...
مجو بھیا
پنڈت آنند سہائے تعلقدار ککراواں کے مرتے ہی شیخ سرور علی نے مختاری کے چونچلوں کو سلام کیا اور کمر کھول دی۔ رئیس پنڈت درگا سہائے نے جھوٹ موٹ کی بھی کی ل...
उसका पति
लोग कहते थे कि नत्थू का सर इसलिए गंजा हुआ है कि वो हर वक़्त सोचता रहता है। इस बयान में काफ़ी सदाक़त है क्योंकि सोचते वक़्त नत्थू सर खुजलाया करता है। ...
ये मुश्त-ए-ख़ाक अपने को जहाँ चाहे तहाँ ले जा
ये मुश्त-ए-ख़ाक अपने को जहाँ चाहे तहाँ ले जा ...
ज़ुल्म साले ने किया ये दिल-ए-दिल-गीर के साथ
ज़ुल्म साले ने किया ये दिल-ए-दिल-गीर के साथ ...
अपना रफ़ीक़-ओ-आश्ना ग़ैर-ए-ख़ुदा कोई नहीं
अपना रफ़ीक़-ओ-आश्ना ग़ैर-ए-ख़ुदा कोई नहीं ...
ख़बर-ए-तहय्युर-ए-इश्क़ सुन न जुनूँ रहा न परी रही
ख़बर-ए-तहय्युर-ए-इश्क़ सुन न जुनूँ रहा न परी रही ...
ये ग़ाज़ी ये तेरे पुर-अस्रार बन्दे
ट्रेन मग़रिबी जर्मनी की सरहद में दाख़िल हो चुकी थी। हद-ए-नज़र तक लाला के तख़्ते लहलहा रहे थे। देहात की शफ़्फ़ाफ़ सड़कों पर से कारें ज़न्नाटे से गुज़रती जाती थ...
शिद्दत बला की होती है जिस वक़्त प्यास में
शिद्दत बला की होती है जिस वक़्त प्यास में ...