सभी हिंदी शायरी

लगा है रोग कोई तो जड़ों में

लगा है रोग कोई तो जड़ों में ...

chand-kakralvi

हम ने तो उस से भी निभा ली है

हम ने तो उस से भी निभा ली है ...

chand-kakralvi

होता है मिरे हाल का चर्चा मिरे आगे

होता है मिरे हाल का चर्चा मिरे आगे ...

chand-kakralvi

हाथ पहुँचे भी न थे महताब तक

हाथ पहुँचे भी न थे महताब तक ...

chand-kakralvi

फ़ज़ा बेहतर बनाना चाहती है

फ़ज़ा बेहतर बनाना चाहती है ...

chand-kakralvi

बड़ा कुम्बा है छोटी देगची है

बड़ा कुम्बा है छोटी देगची है ...

chand-kakralvi

ऐसा महसूस हुआ है तिरे इन'आम के बा'द

ऐसा महसूस हुआ है तिरे इन'आम के बा'द ...

chand-kakralvi

ख़ाक और ख़ून

ऐ मिरी मूनिस-ए-ग़म ऐ मिरी पुरसान-ए-मिज़ाज ...

bazm-ansari

गुरेज़

उन से मिलने की तमन्ना दिल-ए-बेताब न कर ...

bazm-ansari

वजह-ए-ख़लिश है बा’इस-ए-आसूदगी भी है

वजह-ए-ख़लिश है बा’इस-ए-आसूदगी भी है ...

basheer-ahmad-basheer

कल ख़ुद मुझे रुस्वा सर-ए-बाज़ार करोगे

कल ख़ुद मुझे रुस्वा सर-ए-बाज़ार करोगे ...

basheer-ahmad-basheer

हाँपते मौसम तड़ख़्ते टूटते दिन कट गए

हाँपते मौसम तड़ख़्ते टूटते दिन कट गए ...

basheer-ahmad-basheer

बढ़ते बढ़ते कोई दिन में पहले तो दरिया हुए

बढ़ते बढ़ते कोई दिन में पहले तो दरिया हुए ...

basheer-ahmad-basheer

दिल के लिए हयात का पैग़ाम बन गईं

दिल के लिए हयात का पैग़ाम बन गईं ...

baqi-siddiqui

ये मेरा शीशा-ए-दिल बे-मिसाल है प्यारे

ये मेरा शीशा-ए-दिल बे-मिसाल है प्यारे ...

badiuzzaman-sahar

सीने में अरमान की गंगा आँखों में जमुना का है जल

सीने में अरमान की गंगा आँखों में जमुना का है जल ...

badiuzzaman-sahar

मिरी ख़ता से बड़ी तेरी दरगुज़र होगी

मिरी ख़ता से बड़ी तेरी दरगुज़र होगी ...

badiuzzaman-sahar

मसाम-ए-संग से उस दम पसीने ख़ूँ के चलते हैं

मसाम-ए-संग से उस दम पसीने ख़ूँ के चलते हैं ...

badiuzzaman-sahar

है नियाज़-ए-‘इश्क़ से बे-ख़बर जो न निकले पर्दा-ए-नाज़ से

है नियाज़-ए-‘इश्क़ से बे-ख़बर जो न निकले पर्दा-ए-नाज़ से ...

badiuzzaman-sahar

इक तिरा तसव्वुर ही आख़िरी सहारा है

इक तिरा तसव्वुर ही आख़िरी सहारा है ...

badiuzzaman-sahar
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