सभी हिंदी शायरी

ज़ौक़-ए-वफ़ा-ए-'इश्क़ न रुस्वा करेंगे हम

ज़ौक़-ए-वफ़ा-ए-'इश्क़ न रुस्वा करेंगे हम ...

raft-bahraichi

तमाम 'उम्र ज़बाँ से यही तो काम लिया

तमाम 'उम्र ज़बाँ से यही तो काम लिया ...

raft-bahraichi

शाबाश अश्क-ए-ग़म कोई चर्चा किए बग़ैर

शाबाश अश्क-ए-ग़म कोई चर्चा किए बग़ैर ...

raft-bahraichi

रूह को क़ैद-ए-त’अल्लुक़ से भी आज़ाद किया

रूह को क़ैद-ए-त’अल्लुक़ से भी आज़ाद किया ...

raft-bahraichi

रस्म-ए-मातम को अदा नाज़ से करने वाले

रस्म-ए-मातम को अदा नाज़ से करने वाले ...

raft-bahraichi

मुझ को मिटा के आप ने यूँ मुस्कुरा दिया

मुझ को मिटा के आप ने यूँ मुस्कुरा दिया ...

raft-bahraichi

किसी पर्दे में कोई जल्वा-गर होगा तो क्या होगा

किसी पर्दे में कोई जल्वा-गर होगा तो क्या होगा ...

raft-bahraichi

'इश्क़ में रब्त-ए-जिस्म-ओ-जाँ न रहा

'इश्क़ में रब्त-ए-जिस्म-ओ-जाँ न रहा ...

raft-bahraichi

'इश्क़ में इज़्तिराब की दुनिया

'इश्क़ में इज़्तिराब की दुनिया ...

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हरीम-ए-दिल में अगर तेरी जुस्तुजू करते

हरीम-ए-दिल में अगर तेरी जुस्तुजू करते ...

raft-bahraichi

हम-नफ़स क्या कहूँ क्या क्या शब-ए-हिज्राँ देखा

हम-नफ़स क्या कहूँ क्या क्या शब-ए-हिज्राँ देखा ...

raft-bahraichi

ग़ज़ब था उन निगाहों से निगाहें चार हो जाना

ग़ज़ब था उन निगाहों से निगाहें चार हो जाना ...

raft-bahraichi

घबरा के जान दी हो अगर हिज्र-ए-यार में

घबरा के जान दी हो अगर हिज्र-ए-यार में ...

raft-bahraichi

दुनिया से निराले हैं ये अंदाज़ हया के

दुनिया से निराले हैं ये अंदाज़ हया के ...

raft-bahraichi

दिया था 'इश्क़ तो इतना सिवा दिया होता

दिया था 'इश्क़ तो इतना सिवा दिया होता ...

raft-bahraichi

दिल में दम-भर के लिए नावक-ए-जानाँ न रहा

दिल में दम-भर के लिए नावक-ए-जानाँ न रहा ...

raft-bahraichi

दाग़-ए-दिल से मह-ओ-ख़ुर्शीद को निस्बत क्या है

दाग़-ए-दिल से मह-ओ-ख़ुर्शीद को निस्बत क्या है ...

raft-bahraichi

'अदम से लाई है हस्ती में जुस्तुजू तेरी

'अदम से लाई है हस्ती में जुस्तुजू तेरी ...

raft-bahraichi

ख़्वाब हमारा टूट गया है

ख़्वाब हमारा टूट गया है ...

qazi-hasan-raza

समझो तो बहुत कुछ है

इक तेरे तबस्सुम पर ...

prem-pal-ashk
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