सभी हिंदी शायरी

जो हक़ पे चलता है सच का निशान खींचता है

जो हक़ पे चलता है सच का निशान खींचता है ...

saqib-qamri-misbahi

उसी रस्ते से गुज़रें और परखें हम निशाँ अपना

उसी रस्ते से गुज़रें और परखें हम निशाँ अपना ...

sanjay-bhat

जो उतर आई है दिल में तेरी ही तस्वीर है

जो उतर आई है दिल में तेरी ही तस्वीर है ...

sanjay-bhat

इस तरह मत अपनी तन्हाई को ज़ाए' कीजिए

इस तरह मत अपनी तन्हाई को ज़ाए' कीजिए ...

salim-saleem

बे-रुख़ी हद से बढ़ी और सिर्फ़ इतना ही नहीं

बे-रुख़ी हद से बढ़ी और सिर्फ़ इतना ही नहीं ...

saleem-ahmed

लगा के आई थी सौतन ख़िज़ाब 'ईद के दिन

लगा के आई थी सौतन ख़िज़ाब 'ईद के दिन ...

sajid-sajni-lakhnawi

जब मिरे जज़्बात को छू कर गुज़र जाती है रात

जब मिरे जज़्बात को छू कर गुज़र जाती है रात ...

sajid-sajni-lakhnawi

लहू लहू मिरे किरदार के सलीक़े हैं

लहू लहू मिरे किरदार के सलीक़े हैं ...

safdar-imaam-quadri

थे दिलासे झूट सब देते नहीं अब धीर ये

थे दिलासे झूट सब देते नहीं अब धीर ये ...

'इश्क़ में तुम को अगर जो सादगी मंज़ूर होती

'इश्क़ में तुम को अगर जो सादगी मंज़ूर होती ...

उदास रहने का कोई बहाना चाहता हूँ

उदास रहने का कोई बहाना चाहता हूँ ...

rohit-gaur-ruuh

सजा रहा हूँ मैं दुनिया को यूँ क़रीने से

सजा रहा हूँ मैं दुनिया को यूँ क़रीने से ...

rohit-gaur-ruuh

मेरी आँखों में आ गए आँसू

मेरी आँखों में आ गए आँसू ...

rohit-gaur-ruuh

ख़बर भी अब तिरी हम को नसीब होती नहीं

ख़बर भी अब तिरी हम को नसीब होती नहीं ...

rohit-gaur-ruuh

इक दफ़ा देखती मुझे मिरी जाँ

इक दफ़ा देखती मुझे मिरी जाँ ...

rohit-gaur-ruuh

बादल तेरी सूरत है

बादल तेरी सूरत है ...

rohit-gaur-ruuh

बज़्म-ए-‘अज़ा बनी हुई है बज़्म-ए-ज़ौक़-ओ-शौक़

बज़्म-ए-‘अज़ा बनी हुई है बज़्म-ए-ज़ौक़-ओ-शौक़ ...

rashid-shahjahanpuri

इस बयाबाँ से जहाँ में सारी राहें अजनबी

इस बयाबाँ से जहाँ हैं सारी राहें अजनबी ...

rahi-italvi

ज़िक्र-ए-वफ़ा कब एक फ़साना है आज-कल

ज़िक्र-ए-वफ़ा कब एक फ़साना है आज-कल ...

raft-bahraichi

ज़िक्र क्यूँ-कर न करूँ आप के रुख़्सारों का

ज़िक्र क्यूँ-कर न करूँ आप के रुख़्सारों का ...

raft-bahraichi
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