सभी हिंदी शायरी

मिले हैं ज़ख़्म जो इन से उसे सजाऊँगा

मिले हैं ज़ख़्म जो इन से उसे सजाऊँगा ...

amir-masood

इसी लिए मैं मुख़ातिब हूँ इस ज़माने से

इसी लिए मैं मुख़ातिब हूँ इस ज़माने से ...

amir-masood

इस बार तुझे ख़्वाब में आना ही पड़ेगा

इस बार तुझे ख़्वाब में आना ही पड़ेगा ...

amir-masood

हमें ये 'इश्क़ हिजाबी बना के रखना है

हमें ये 'इश्क़ हिजाबी बना के रखना है ...

amir-masood

दिमाग़-ओ-दिल की थकान वाला

दिमाग़-ओ-दिल की थकान वाला

amardeep-singh

ये सोचना भी ग़लत है कि दिल-नशीं है बहुत

ये सोचना भी ग़लत है कि दिल-नशीं है बहुत ...

ahmar-nadeem

ये एक दिन का नहीं तज्रबा है बरसों का

ये एक दिन का नहीं तज्रबा है बरसों का ...

ahmar-nadeem

तुम्हारे बा'द भी ये तौर इख़्तियार किया

तुम्हारे बा'द भी ये तौर इख़्तियार किया ...

ahmar-nadeem

तश्बीह रम्ज़ रस न किनाए के बस में है

तश्बीह रम्ज़ रस न किनाए के बस में है ...

ahmar-nadeem

मिरी नाकाम चालों पर वो ऐसे मुस्कुराता है

मिरी नाकाम चालों पर वो ऐसे मुस्कुराता है ...

ahmar-nadeem

माज़ी के परस्तारों में मुझ को न गिना कर

माज़ी के परस्तारों में मुझ को न गिना कर ...

ahmar-nadeem

ख़ुद को इतना भी पशेमान नहीं करना था

ख़ुद को इतना भी पशेमान नहीं करना था ...

ahmar-nadeem

जुनून-ए-शौक़ में आदाब-ए-रक़्स-ए-वहशत क्या

जुनून-ए-शौक़ में आदाब-ए-रक़्स-ए-वहशत क्या ...

ahmar-nadeem

'इश्क़ में हासिल-ए-इंकार से डर जाते हैं

'इश्क़ में हासिल-ए-इंकार से डर जाते हैं ...

ahmar-nadeem

होश-ओ-ख़िरद का जाल बिछाएँगे फिर कभी

होश-ओ-ख़िरद का जाल बिछाएँगे फिर कभी ...

ahmar-nadeem

हंगामा-ए-हयात को कोई तो नाम दे

हंगामा-ए-हयात को कोई तो नाम दे ...

ahmar-nadeem

दिल को ये एहसान उठाना पड़ता है

दिल को ये एहसान उठाना पड़ता है ...

ahmar-nadeem

देखो पुराने ख़्वाब नए ख़्वाब के लिए

देखो पुराने ख़्वाब नए ख़्वाब के लिए ...

ahmar-nadeem

दश्त-ए-जुनूँ में मेरे बराबर नहीं कोई

दश्त-ए-जुनूँ में मेरे बराबर नहीं कोई ...

ahmar-nadeem

दम-ए-रुख़्सत फ़राहम हिज्र का सामान करते हैं

दम-ए-रुख़्सत फ़राहम हिज्र का सामान करते हैं ...

ahmar-nadeem
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