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ज़ब्त-ए-फ़ुग़ाँ से आ गई होंटों पे जाँ तलक
ज़ब्त-ए-फ़ुग़ाँ से आ गई होंटों पे जाँ तलक ...
कभी हम में तुम में भी चाह थी कभी हम से तुम से भी राह थी
कभी हम में तुम में भी चाह थी कभी हम से तुम से भी राह थी
ज़ब्त-ए-फ़ुग़ाँ से आ गई होंटों पे जाँ तलक ...
कभी हम में तुम में भी चाह थी कभी हम से तुम से भी राह थी