सभी हिंदी शायरी

मिरे हम-सुख़न मिरे हम-नवा तिरी ख़ैर हो

मिरे हम-सुख़न मिरे हम-नवा तिरी ख़ैर हो ...

umair-ali-anjum

हम ने यूँ ख़ुद से तिरा ज़िक्र किया शाम के बा'द

हम ने यूँ ख़ुद से तिरा ज़िक्र किया शाम के बा'द ...

umair-ali-anjum

गर्दिश-ए-वक़्त का मंज़र नहीं देखा जाता

गर्दिश-ए-वक़्त का मंज़र नहीं देखा जाता ...

umair-ali-anjum

छोटी सी बात पर तिरा लहजा बदल गया

छोटी सी बात पर तिरा लहजा बदल गया ...

umair-ali-anjum

अपनी बस्ती में अंधेरा नहीं होने देंगे

अपनी बस्ती में अंधेरा नहीं होने देंगे ...

umair-ali-anjum

ऐसा न हो कि मौत हो उस पार देखना

ऐसा न हो कि मौत हो उस पार देखना ...

umair-ali-anjum

दुख कितने हैं ग़म कितने हैं आलाम कितने हैं

दुख कितने हैं ग़म कितने हैं आलाम कितने हैं ...

syed-zia-husain

टूटा हुआ है लाख सफ़र की थकान से

टूटा हुआ है लाख सफ़र की थकान से ...

syed-waseem-naqvi

क़िस्मत की लकीरों के सितम हम ने सहे हैं

क़िस्मत की लकीरों के सितम हम ने सहे हैं ...

syed-waseem-naqvi

'अजीब रस्मों रिवाजों का बोझ है हम पर

'अजीब रस्मों रिवाजों का बोझ है हम पर ...

syed-waseem-naqvi

अभी तलक किसी गुमनाम आसमान में है

अभी तलक किसी गुमनाम आसमान में है ...

syed-waseem-naqvi

ये वक़्त का तक़ाज़ा है खुल कर जवाब दूँ

ये वक़्त का तक़ाज़ा है खुल कर जवाब दूँ ...

syed-masood-naqvi

ये ख़बर कुल जहाँ को दी जाए

ये ख़बर कुल जहाँ को दी जाए ...

syed-masood-naqvi

वो शख़्स मेरे दिल से निकल ही नहीं रहा

वो शख़्स मेरे दिल से निकल ही नहीं रहा ...

syed-masood-naqvi

उस ने जीना सिखा दिया मुझ को

उस ने जीना सिखा दिया मुझ को ...

syed-masood-naqvi

पहले ये अना ताक़ पे धरना ही पड़ेगी

पहले ये अना ताक़ पे धरना ही पड़ेगी ...

syed-masood-naqvi

नफ़रतें जब जब बढ़ेंगी देखना

नफ़रतें जब जब बढ़ेंगी देखना ...

syed-masood-naqvi

क्यों बिगाड़ी बात उल्टी बात से

क्यों बिगाड़ी बात उल्टी बात से ...

syed-masood-naqvi

क्या पता क्या सोच कर डरने लगा

क्या पता क्या सोच कर डरने लगा ...

syed-masood-naqvi
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