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मुझ सा गुल-बर्ज़-ओ-गुल-अफ़्कार गुलिस्ताँ में नहीं
मुझ सा गुल-बर्ज़-ओ-गुल-अफ़्कार गुलिस्ताँ में नहीं ...
ख़मोश क्यों हैं नज़ारों को देखने वाले
ख़मोश क्यों हैं नज़ारों को देखने वाले ...
जादा-ए-उलफ़त का ये सब्र-आज़मा 'आलम न पूछ
जादा-ए-उलफ़त का ये सब्र-आज़मा 'आलम न पूछ ...
हज़ारों पेच-ओ-ख़म और जुस्तुजू-ए-दाइमी कब तक
हज़ारों पेच-ओ-ख़म और जुस्तुजू-ए-दाइमी कब तक ...
हैं मिरी निगाहों में आगही की तस्वीरें
हैं मिरी निगाहों में आगही की तस्वीरें ...
फ़साना-ए-ग़म-ए-जानाँ किसी पे बार नहीं
फ़साना-ए-ग़म-ए-जानाँ किसी पे बार नहीं ...
फ़रेब-ए-शौक़ न दे वक़्फ़-ए-इम्तिहाँ न बना
फ़रेब-ए-शौक़ न दे वक़्फ़-ए-इम्तिहाँ न बना ...
दिल-ए-बे-क़रार की मा'रिफ़त बड़ी एहतियात का काम है
दिल-ए-बे-क़रार की मा'रिफ़त बड़ी एहतियात का काम है ...
कभी तेरा दर कभी दर-ब-दर कभी 'अर्श पर कभी फ़र्श पर
कभी तेरा दर कभी दर-ब-दर कभी 'अर्श पर कभी फ़र्श पर
सुन रहा हूँ क़ुर्बतों में फ़ासला होने को है
सुन रहा हूँ क़ुर्बतों में फ़ासला होने को है ...