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बाग़ में सुब्ह-ओ-शाम आना जाना रहा लाला-ओ-गुल से मिलना मिलाना रहा
बाग़ में सुब्ह-ओ-शाम आना जाना रहा लाला-ओ-गुल से मिलना मिलाना रहा ...
वही हों प्यार की रातें वही हों प्यार के दिन
वही हों प्यार की रातें वही हों प्यार के दिन ...
तालिब-ए-दीद को मंज़िल-ए-'इश्क़ में कौन कहता है ये राहबर चाहिए
तालिब-ए-दीद को मंज़िल-ए-'इश्क़ में कौन कहता है ये राहबर चाहिए ...
राज़-ए-उल्फ़त को छुपाया है जफ़ा-जू हम ने
राज़-ए-उल्फ़त को छुपाया है जफ़ा-जू हम ने ...
क़ैद करना है सय्याद कर शौक़ से शाख़-ए-गुल पर मिरा आशियाँ छोड़ दे
क़ैद करना है सय्याद कर शौक़ से शाख़-ए-गुल पर मिरा आशियाँ छोड़ दे ...