सभी हिंदी शायरी

तू अभी तक भी मुझे ख़ुद से जुदा जानता है

तू अभी तक भी मुझे ख़ुद से जुदा जानता है ...

hasrat-khan-khatak

निगाह पर जो पड़ रही थी धूल से निकल गए

निगाह पर जो पड़ रही थी धूल से निकल गए ...

hasrat-khan-khatak

मैं कहाँ ढूँडने जाता हूँ कुतुब-ख़ानों में

मैं कहाँ ढूँडने जाता हूँ कुतुब-ख़ानों में ...

hasrat-khan-khatak

कोई नक़्क़ाद आस-पास नहीं

कोई नक़्क़ाद आस-पास नहीं ...

hasrat-khan-khatak

काले कव्वों ने तबाही वो मचाई तौबा

काले कव्वों ने तबाही वो मचाई तौबा ...

hasrat-khan-khatak

हुस्न-ए-नवा-ए-शौक़ की ता’मील कर चले

हुस्न-ए-नवा-ए-शौक़ की ता’मील कर चले ...

hasrat-khan-khatak

धोका तिरे वजूद से आगे निकल गया

धोका तिरे वजूद से आगे निकल गया ...

hasrat-khan-khatak

चार-सू फैले नज़र आए उजाले मेरे

चार-सू फैले नज़र आए उजाले मेरे ...

hasrat-khan-khatak

उमीदों से दिल-ए-बर्बाद को आबाद करता हूँ

उमीदों से दिल-ए-बर्बाद को आबाद करता हूँ ...

hari-chand-akhtar

बस इस लिए तुम्हें भेजा था लिख के हाँ काग़ज़

बस इस लिए तुम्हें भेजा था लिख के हाँ काग़ज़ ...

hakeem-aagha-jan-aish

तिलिस्म-एसदा

ये सोते सोते ...

hafeez-aatish

परछाईं

रोज़ की तरह ...

hafeez-aatish

इम्कान

दीवारों की रंगत बदली ...

hafeez-aatish

गुड़िया

नन्ही कपड़े की मा'सूम गुड़िया ...

hafeez-aatish

एक ख़्वाहिश

ज़र्द पत्ते ...

hafeez-aatish

बोझ-ए-बदन

बदन मसरूफ़ियत से थक गया है ...

hafeez-aatish

ये 'इश्क़-ओ-वफ़ा का सिला कुछ नहीं

ये 'इश्क़-ओ-वफ़ा का सिला कुछ नहीं ...

habib-rehman

माँग पास-ए-वफ़ा मोहब्बत में

माँग पास-ए-वफ़ा मोहब्बत में ...

habib-rehman

मैं ने तो कभी उस को मुसलसल नहीं देखा

मैं ने तो कभी उस को मुसलसल नहीं देखा ...

habib-rehman

मग़रूर मोहब्बत की जज़ा रास न आई

मग़रूर मोहब्बत की जज़ा रास न आई ...

habib-rehman
PreviousPage 132 of 642Next