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रंग-बिरंगे नक़्श उभर कर तैर रहे हैं पानी पर
रंग-बिरंगे नक़्श उभर कर तैर रहे हैं पानी पर ...
नई नस्लों से उस को भी कभी 'इज़्ज़त नहीं मिलती
नई नस्लों से उस को भी कभी 'इज़्ज़त नहीं मिलती ...
रंग-बिरंगे नक़्श उभर कर तैर रहे हैं पानी पर ...
नई नस्लों से उस को भी कभी 'इज़्ज़त नहीं मिलती ...