सभी हिंदी शायरी

मस्लहत के साथ थे चालाक होना ही पड़ा

मस्लहत के साथ थे चालाक होना ही पड़ा ...

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मशक़्क़त का पसीना ख़ून में तहलील होता है

मशक़्क़त का पसीना ख़ून में तहलील होता है ...

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मैं तेरे सामने फ़रियाद करने वाला नहीं

मैं तेरे सामने फ़रियाद करने वाला नहीं ...

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लीजिए हम बादशाहों से भी ऊपर हो गए

लीजिए हम बादशाहों से भी ऊपर हो गए ...

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क्या सितम है कि मदद-गार समझ लेते हैं

क्या सितम है कि मदद-गार समझ लेते हैं ...

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कोई बताए उसे हम-नशीन कैसे करें

कोई बताए उसे हम-नशीन कैसे करें ...

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कितनी सुख़न की महफ़िलें आबाद कर गया

कितनी सुख़न की महफ़िलें आबाद कर गया ...

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'इश्क़ ने ख़ूब इंतिक़ाम लिया

'इश्क़ ने ख़ूब इंतिक़ाम लिया ...

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'इश्क़ के ज़माने भी क्या 'अजब ज़माने थे

'इश्क़ के ज़माने भी क्या 'अजब ज़माने थे ...

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हज़ार ज़ख़्म मिले फिर भी मुस्कुराते हुए

हज़ार ज़ख़्म मिले फिर भी मुस्कुराते हुए ...

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हवा मिज़ाज बदलती है तब बिखरते हैं

हवा मिज़ाज बदलती है तब बिखरते हैं ...

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हमीं अकेले नहीं ज़िंदगी से हारे हुए

हमीं अकेले नहीं ज़िंदगी से हारे हुए ...

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हमारे हिस्सा में कुछ ऐसे हम-सफ़र आए

हमारे हिस्सा में कुछ ऐसे हम-सफ़र आए ...

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हैरान मेहरबान के रूमाल हो गए

हैरान मेहरबान के रूमाल हो गए ...

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फ़क़त ज़मीं ही नहीं आसमान मेरा है

फ़क़त ज़मीं ही नहीं आसमान मेरा है ...

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इक दूसरे का हाथ भी पकड़े हुए हैं लोग

इक दूसरे का हाथ भी पकड़े हुए हैं लोग ...

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दिल-ओ-दिमाग़ पे अब के घुटन बला की है

दिल-ओ-दिमाग़ पे अब के घुटन बला की है ...

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दरवाज़ा तो बंद किया है 'आली-जाह

दरवाज़ा तो बंद किया है 'आली-जाह ...

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दरिया से फ़क़त इस लिए रिश्ता है हमारा

दरिया से फ़क़त इस लिए रिश्ता है हमारा ...

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छोड़ कर तुझ को कहीं और निकल सकते थे

छोड़ कर तुझ को कहीं और निकल सकते थे ...

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