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याद आती है बहुत यार तिरी शाम के बा'द
याद आती है बहुत यार तिरी शाम के बा'द ...
दिल बहुत हैरान है क्यों उन से पाले पड़ गए
दिल बहुत हैरान है क्यों उन से पाले पड़ गए ...
'अंजुम' आ'साब सँभालो है यही रंग-ए-बहार
'अंजुम' आ'साब सँभालो है यही रंग-ए-बहार