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ज़िंदगी इक सराब-आश्ना माजरा तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे

ज़िंदगी इक सराब-आश्ना माजरा तुम कहाँ जाओगे हम कहाँ जाएँगे ...

shehzad-anjum-burhani

ज़मीन थी ही नहीं आसमान था ही नहीं

ज़मीन थी ही नहीं आसमान था ही नहीं ...

shehzad-anjum-burhani

ज़माना बीत चुका है पलक भिगोने का

ज़माना बीत चुका है पलक भिगोने का ...

shehzad-anjum-burhani

यूँ मश्ग़ला-ए-सौत-ओ-सदा छूट गया है

यूँ मश्ग़ला-ए-सौत-ओ-सदा छूट गया है ...

shehzad-anjum-burhani

सोचा था तिरे ग़म को निभाएँगे कहाँ तक

सोचा था तिरे ग़म को निभाएँगे कहाँ तक ...

shehzad-anjum-burhani

सदाएँ दे के मुसलसल बुला रहा है मुझे

सदाएँ दे के मुसलसल बुला रहा है मुझे ...

shehzad-anjum-burhani

क़र्या-ए-जाँ से हो कर गुज़रता था जो रास्ता या-अख़ी

क़र्या-ए-जाँ से हो कर गुज़रता था जो रास्ता या-अख़ी ...

shehzad-anjum-burhani

नर्ग़ा-ए-ज़ुल्मत-ए-शब से मैं सहर बन के उठा

नर्ग़ा-ए-ज़ुल्मत-ए-शब से मैं सहर बन के उठा ...

shehzad-anjum-burhani

लोग वाक़िफ़ न रहे लज़्ज़त-ए-रुस्वाई से

लोग वाक़िफ़ न रहे लज़्ज़त-ए-रुस्वाई से ...

shehzad-anjum-burhani

किस क़दर मंज़िल-ए-आसान में रखा गया हूँ

किस क़दर मंज़िल-ए-आसान में रखा गया हूँ ...

shehzad-anjum-burhani

करता था अपने हुस्न पे क्या क्या क़यास चाँद

करता था अपने हुस्न पे क्या क्या क़यास चाँद ...

shehzad-anjum-burhani

इस क़दर मुश्ताक़ परवाना हुआ था सुब्ह का

इस क़दर मुश्ताक़ परवाना हुआ था सुब्ह का ...

shehzad-anjum-burhani

हम अपनी हक़ीक़त से मुकर जाएँगे इक दिन

हम अपनी हक़ीक़त से मुकर जाएँगे इक दिन ...

shehzad-anjum-burhani

है क़ैद-ओ-बंद सी हालत मिरी रिहाई में

है क़ैद-ओ-बंद सी हालत मिरी रिहाई में ...

shehzad-anjum-burhani

गुल की सूरत बिखर बिखर जाए

गुल की सूरत बिखर बिखर जाए ...

shehzad-anjum-burhani

फ़लक-नशीं हैं कभी आज़मा के देखा जाए

फ़लक-नशीं हैं कभी आज़मा के देखा जाए ...

shehzad-anjum-burhani

बहकी बहकी हुई चलती है हवा आख़िर-ए-शब

बहकी बहकी हुई चलती है हवा आख़िर-ए-शब ...

shehzad-anjum-burhani

मुझ में है जो दरवेश वो मर जाए तो अच्छा

मुझ में है जो दरवेश वो मर जाए तो अच्छा ...

shariq-kaifi

नमक ज़ख़्मों पे रक्खा है किसी ने

नमक ज़ख़्मों पे रक्खा है किसी ने ...

shariq-ali-shariq

कभी दिमाग़ कभी दिल सता रहा है मुझे

कभी दिमाग़ कभी दिल सता रहा है मुझे ...

shariq-ali-shariq
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